*■देवकर क्षेत्र में साइबर ठगों ने आमलोगो कर खाते में लगाई सेंधमारी, तीन मामलो में ओटीपी लेकर लाखो की ऑनलाइन धोखाधड़ी■*

*बेमेतरा:-* ज़िला पुलिस प्रशासन द्वारा साइबर फ्रॉड व क्राइम को लेकर विभिन्न स्तर पर जिलेभर में निरन्तर जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद भी आम नागरिक लगातार साइबर ठगी के शिकार हो रहे है। जिसका रिपोर्ट लगातार थाने-चौकी में भी पहुंचकर पुलिसकर्मियों की परेशानी बढा रहा है। फिलहाल ताज़ा मामला पुलिस अनुविभाग बेरला अंतर्गत साजा थाने के देवकर चौकी से आ रहा है जहाँ पर हफ्तेभर में साइबर ठगी के तीन नए मामले ने से हड़कम्प मच गया है। बताया जा रहा है कि शातिर ठगों ने इन सब साइबर फ्रॉड को अलग-अलग पैंतरे लगाकर आम नागरिक को झांसे में लिया फिर गोपनीय ओटीपी व अन्य निजी जानकारी लेकर बड़ी रकम बैंक खाते से साफ कर दिया है। जिसने स्थानीय पुलिस की परेशानी बढा दी है। मामले में इन सबकी लिखित आवेदन को ज़िला पुलिस की साइबर सेल में भेज दिया गया है। जिसमें कड़ी जांच उपरांत ही साइबर धोखेबाजों के नेटवर्क का भंडाफोड़ हो पायेगा, हालाँकि यह अभी के दौर में फिलहाल साइबर अपराधों पर लगाम लगा पाना आसान नही है। जानकारी मिला है कि इन दिनों सोशल मीडिया वाट्सएप्प पर प्रधानमंत्री आवास योजना, बीमा योजना, पेशन योजना के हितग्राही के राशि व अन्य सरकारी स्किम के सहारे आमजनता को गुमराह कर नए हिसाब में बड़े स्तर पर ठगी के जाल बिछाकर घटना को अंजाम दे रहे है। पुलिस की माने तो आम जनता की सजगता, सतर्कता एवं सावधानी ही साइबर फ्रॉड व साइबर क्राइम को नियंत्रित कर काबू में किया जा सकता है, जिसमे पुलिस के साथ आमजनमानस की भूमिका महत्वपूर्ण है।
*पहला प्रकरण*
चूंकि पहले मामले में पुलिस चौकी देवकर अंतर्गत ग्राम अकलवारा गाँव की है जहाँ पर 22 जुलाई दिन सोमवार को स्थानीय व्यक्ति मोहित सिन्हा पिता थानुराम सिन्हा को मोबाईलपर सोशल मीडिया वाट्सएप पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के नाम से लिंक आया, जिसको मात्र टच करने पर ही मोबाइल हैंग होकर पहले एक रुपया डेबिट हुआ फिर धीरे धीरे कर तीन किश्तों में क्रमशः 01 लाख फिर 50 हज़ार व 46 हज़ार कर करीब 01 लाख 96 हज़ार रुपये खाते से गायब हो गए। आमतौर पर गाँव मे खेती-किसानी व मजदूरी कार्य कर पैसा कमाने वाले मोहित को जब धोखाधड़ी का पता चला तो मायूसी की हालत में पुलिस चौकी देवकर, थाना साजा एवं साइबर सेल बेमेतरा जाकर शिकायत दर्ज कराई। जिसमे जल्द ही कार्यवाही की आस में पीड़ित मोहित सिन्हा प्रतीक्षारत बताया जा रहा है।
*●दूसरा केस●*
इसी पुलिस चौकी के डेहरी गांव में रविवार के दिन एक मामला सुर्खियों में आया। जहां पर एक स्कूली बच्चे के पास एक कॉल आया जिसने गलती से अपना मोबाइल ओटीपी बताकर साइबर ठगों की काम आसान कर दी।जिसके बाद उसके खाते से लगभग 10 हज़ार के करीब जमापूँजी पर डांका डालकर निकाल गया। हाँलांकि जब उनको व उनके परिजनों को ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने भी पुलिस चौकी पहुंचकर इस वारदात के बारे में पुलिसकर्मियों को अवगत कराई गयी।इसमे भी साइबर ठग अपने आपराधिक कार्य मे कामयाब रहे।
*तीसरा मामला*
फिलहाल तीसरे मामला भी देवकर चौकी क्षेत्र के गांव व व्यक्ति विशेष की है जिनके खाते से करीब 30 हज़ार रुपये एकाएक कट गए। फिर उन्होंने अपनों व समाज के बीच के बीच बदनामी के डर से पुलिस को सूचना देना मुनासिब नही समझा। बताया जा रहा है कि पीड़ित व्यक्ति को किसी कार्य मे लक्की ड्रा के इनामी विजेता बोलकर उनसे बातो बात में ही गोपनीय ओटीपी ले ली फिर 30 हज़ार रुपये को अपने फर्जी अकाउंट में ट्रांसफर कर मोबाइल बन्द कर दिया। इस घटना से घबराये पीड़ित ने फौरन खाते से सम्बन्धित बैंक में पहुँचकर एटीएम ब्लॉक करा दिया किन्तु तबतक ज्यादातर रकम खाते से कट चुके थे, तो पीड़ित के पास पैसा बचाने की दिशा में कुछ नही कर पाया।
*अन्य घटनाएं*
इसी प्रकार देवकर क्षेत्र में ही पूर्व के समय विभिन्न फर्मो व कम्पनियों के नाम पर बिजनेस एवं कच्चे माल के समान तैयार करने को लेकर भी साइबर ठगी हुई है। साथ ही विभिन्न शासकीय व गैर सरकारी संस्था के आड़ लेकर भी बेरोजगार युवाओं को जाल में फांसकर धोखधड़ी किया जाता रहा है। इसके अलावा सबसे खास बात यह है कि बीते दिनों कुछ नागरिको के पास स्वयं स्थानीय क्षेत्र के पुलिस अधिकारी, बीमा, कोर्ट, वाहन, जमीन विक्रेता, अन्य रोजगार व व्यापार एवं बैंककर्मी के आधार पर धोखाधड़ी का प्रयास किया जा चुका है। जिसपर आमजनो की सतर्कता धोखेबाजो को भारी पड़ी है।




