*बेरला अंचल में धान की फसल पर बीमारियों का साया, बंपर पैदावार की उम्मीद पर फिरा पानी*


बेरला:- कृषि प्रधान जिला बेमेतरा के बेरला अंचल में इस वर्ष धान की फसल पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। वर्षा ऋतु की शुरुआत में बड़ी उम्मीदों और उत्साह के साथ की गई बोवाई के बाद शुरुआती दौर में हरी-भरी लहलहाती फसलों ने किसानों में बंपर पैदावार की आस जगाई थी, लेकिन अब ऐन वक्त पर रोगों और कीटों के प्रकोप ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
अंचल के कई गांवों में धान की फसल में तना छेदक, पत्ती मोड़क, भूरा पौधा फुदका और फफूंद जनित बीमारियों का प्रकोप देखा जा रहा है। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव, अधिक नमी और उमस के कारण ये बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, जिससे धान की पत्तियां पीली पड़कर सूखने लगी हैं और पौधों की बढ़त रुक गई है।
किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर हजारों रुपये की लागत से खाद, बीज और दवाइयां डाली हैं। जी-तोड़ मेहनत के बाद जब फसल तैयार होने की स्थिति में थी, तब रोगों के हमले से पूरी मेहनत पर पानी फिरने की आशंका से अन्नदाता बेहद चिंतित और बेबस नजर आ रहा है।
*कृषि विभाग से सर्वे और मदद की गुहार*
अंचल के किसानों ने शासन-प्रशासन और कृषि विभाग से मांग की है कि मैदानी स्तर पर तत्काल ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की टीम भेजकर फसलों का सर्वेक्षण कराया जाए। किसानों को रोगों की पहचान, रोकथाम के लिए सही मार्गदर्शन और सब्सिडी पर उचित दवाइयां उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उनकी खून-पसीने की कमाई को तबाही से बचाया जा सके।



