*भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर बेरला अंचल में उमड़ी अपार श्रद्धा, औजारों और मशीनों का हुआ पूजन*


बेरला:- सृष्टि के प्रथम देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा का पूजन उत्सव को बेरला अंचल सहित आसपास के क्षेत्रों में अत्यंत धूमधाम, श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर औद्योगिक इकाइयों, वर्कशॉप, राइस मिलों, निर्माण स्थलों और तकनीकी संस्थानों में विशेष पूजा-अर्चना के भव्य आयोजन किए गए, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा।
सुबह से ही विश्वकर्मा मंदिरों और विभिन्न कार्यस्थलों पर पूजन के लिए कारीगरों, शिल्पकारों, इंजीनियरों और श्रमिकों का जमावड़ा शुरू हो गया था। सभी ने अपने-अपने औजारों, मशीनों, वाहनों और तकनीकी यंत्रों की साफ-सफाई कर तिलक-चंदन लगाकर उनका विधि-विधान से पूजन किया।
*भव्य मूर्ति स्थापना और हवन-पूजन*
अंचल के कई प्रमुख प्रतिष्ठानों में भगवान विश्वकर्मा की मनमोहक मूर्तियों की स्थापना की गई। इसके उपरांत पंडितों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-पूजन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने आहुतियां देकर क्षेत्र की सतत प्रगति, कारोबार में वृद्धि और सभी परिवारों के लिए सुख-समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य की मंगल कामना की।
*महाप्रसाद वितरण और आतिशबाजी*
पूजन और आरती के पश्चात विभिन्न स्थानों पर विशाल भंडारे और महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में आमजनों ने प्रसादी ग्रहण की। बेरला के मुख्य बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में दिनभर एक-दूसरे को बधाई देने का सिलसिला चलता रहा। देर शाम तक गूंजते भक्ति भजनों और मनमोहक आतिशबाजी ने पूरे क्षेत्र को धर्ममय और उत्सवपूर्ण बनाए रखा।



