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*■शो-रूम अग्निकांड में दमकल विभाग की कमजोरी आई सामने, शहर की सुरक्षा पर सवालिया प्रश्नचिन्ह■*

 

*देवकर:-* शहर के मुख्य मार्ग में संचालित शो-रूम में हुए अग्निकांड से प्रशासन की बड़ी खामियां सामने आ रही है। शहर-क्षेत्र को आगजनी से बचाने के लिए स्थानीय स्तर पर कोई फायर ब्रिगेड फाइटर एवं अग्निशमन वाहन मौजूद नही है और न ही आसपास के शहरीय इलाकों में दमकल विभाग की गाड़ियां सुरक्षा के लिए तैनात है। लिहाजा आलम यह है कि तात्कालिक हादसे की तर्ज पर फिलहाल शहर अथवा ग्रामीण इलाके में आग की दुर्घटना पर काबू पाने के लिए जिला या सम्भाग मुख्यालय के दमकल वाहन व टीम पर निर्भर रहना पड़ेगा, जो कि प्रशासन की सुरक्षा सम्बन्धित तैयारियों एवं व्यवस्था पर सवालिया निशान है। इस सम्बंध मेब

 

बताया जा रहा है कि देवकर में रात के वक़्त हुई अग्निकांड में दमकल विभाग को सूचना देने के डेढ़-दो घण्टे बाद वाहन घटनास्थल पर पहुंची, देर आने के कारण शो-रूम के ज्यादातर सामान भीषण आग के चपेट में स्वाहा हो चुके थे। सुलगती आग की लपटों को समय पर बुझा न पाने से शो-रूम के मालिक को काफी बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। इसके अतिरिक पूर्व की अग्नि रहित दुर्घटनाओं में दमकल विभाग की कमजोरी एवं खामी सामने आ चुकी है, इसके बावजूदप्रशासन सबक लेने में गुरेज कर रहा है, जो क्षेत्र की आम जनता के लिए काफी नुकसानदायक है।

 

दरअसल देवकर तहसील एवं शहर क्षेत्र में आगजनी की घटनाओं के लिए समीप में साजा, परपोड़ी, खम्हरिया, बेरला, धमधा नगर पंचायत कार्यालय में तैनात अग्निशमन वाहन से जरुरत पूर्ति की जाती है। किन्तु फिलहाल की स्थिति में साजा की दमकल गाड़ी रिपेयरिंग के लिए शो-रूम भेजी गई है, फंड की कमी एवं राशि के अभाव में नही लाया गया है। इसी तरह धमधा, परपोड़ी, बेरला व खम्हरिया के अग्निशमन वाहन को लेकर भी कई कारण बताए जाते है, जिससे इन क्षेत्रों में फायरब्रिगेड वाहन महज शो-पीस बनकर रह गया है। क्योंकि देवकर की दुर्घटना में इन इलाकों की बजाए ज़िला मुख्यालय में तैनात दमकल वाहन घटनास्थल पर पहुंची थी, जो फिलहाल सुर्खियों का विषय बन गया है।

 

 

 

बरहहाल नगर के टीवीएस शो-रूम सञ्चालक धनेश्वर साहू ने शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है, उनका कहना है कि शो-रूम में आगजनी से मैं आर्थिक रूप से बर्बाद हो गया हूँ। क्योंकि शो-रूम के किसी भी दोपहिया वाहन से लेकर सामानों तक का कोई बीमा-इंश्योरेंस न होने के कारण कोर्ट में अपील करने में अक्षम हूँ। अतः सम्बन्ध में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री रविन्द्र चौबे एवं जिला कलेक्टर पदुम सिंह एल्मा को पत्र लिखकर क्षतिपूर्ति की मांग करूँगा। जिस पर शासन-प्रशासन से मदद व सहयोग की आशा करूँगा।

GAUTAM BEMTRA

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