*कवर्धा संदेश में खबर छपने के बाद भी नहीं जागी बेरला जनपद पंचायत, पतोरा में पसरी बदहाली से ग्रामीणों में आक्रोश*

बेमेतरा/बेरला:- जनपद पंचायत बेरला के निकटवर्ती ग्राम पंचायत पतोरा से लगातार साफ-सफाई और कीचड़ की गंभीर समस्या सामने आ रही है। समाचार पत्र ‘कवर्धा संदेश’ में खबर प्रकाशित होने के बावजूद अब तक जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई धरातलीय कार्यवाही नहीं की गई है। तस्वीरों और मौके की स्थिति से साफ जाहिर होता है कि गौठान और बरगद पेड़ के पास बने सार्वजनिक बैठका स्थल तथा सांस्कृतिक मंच के ठीक सामने नाली का दूषित पानी बह रहा है। पानी के निरंतर जमाव से चारों तरफ गहरा कीचड़ फैल चुका है और उठने वाली तीखी दुर्गंध व मच्छरों के प्रकोप से ग्रामीणों का वहां बैठना और राहगीरों का गुजरना बेहद दुभर हो गया है।
*अधिकारियों की चुप्पी और सांठगांठ का आरोप*
समाचार प्रकाशित होने के पश्चात जनपद पंचायत बेरला की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) दिव्या ठाकुर ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच कराने और ग्राम पंचायत पतोरा के सरपंच व सचिव को साफ-सफाई व समस्या के निराकरण हेतु आदेशित करने की बात कही थी। हालांकि आश्वासन के बावजूद अब तक कोई जांच या ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। इस टालमटोल भरे रवैये से ग्रामीणों में गहरा असंतोष है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत जनप्रतिनिधियों और जनपद पंचायत अधिकारियों की कथित मिलीभगत के कारण ही जांच प्रक्रिया को रोका जा रहा है और दोषियों को संरक्षण दिया जा रहा है।
*मूलभूत और 15वें वित्त की राशि के उपयोग पर उठे सवाल*
गांव में स्वच्छता बनाए रखने, नालियों के रखरखाव और सुचारू जल निकासी के लिए शासन द्वारा हर साल मूलभूत निधि तथा 15वें वित्त आयोग के तहत लाखों रुपये की बजट राशि जारी की जाती है। इसके बावजूद मुख्य सार्वजनिक स्थलों पर जलभराव और गंदगी का आलम यह दर्शा रहा है कि विकास कार्यों के नाम पर कागजी खानापूर्ति की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल आने वाले लाखों रुपयों का खर्च आखिर कहां और किस मद में किया जा रहा है? सरकारी राशि के संभावित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता की आशंका जताते हुए ग्रामीणों ने इसके निष्पक्ष हिसाब-किताब की मांग की है।
*नरकीय जीवन जीने को मजबूर स्थानीय निवासी*
नाली निर्माण और निकासी की समुचित व्यवस्था न होने का दंश स्थानीय निवासी निर्मल यादव, कृष्णु यादव, सुदर्शन यादव, भूपत साहू और दादू यादव लंबे समय से झेल रहे हैं। उन्होंने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि सार्वजनिक चबूतरे के सामने बहते गंदे पानी से वे रोजाना जूझ रहे हैं। बार-बार गुहार लगाने और शिकायतों के बावजूद सुधार न होना पंचायत प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की घोर लापरवाही व अकर्मण्यता को उजागर करता है। स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों का केंद्र बना यह स्थान अब उपेक्षा का शिकार है।
*स्वास्थ्य जोखिम और जनप्रतिनिधियों की बेरुखी*
सार्वजनिक स्थल पर लगातार ठहरे हुए गंदे पानी और कीचड़ के कारण क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया जैसी संक्रामक और गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है। बारिश के दिनों में यह समस्या और भी भयावह रूप ले लेती है। इतने गंभीर स्वास्थ्य जोखिम के बाद भी जिम्मेदार पंचायत प्रतिनिधि और जनपद पंचायत के अधिकारी बेखबर और मूकदर्शक बने बैठे हैं। इस विषय में ग्राम पंचायत पतोरा के सरपंच नेमीन युवराज साहू तथा जिला पंचायत बेमेतरा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेमलता पद्माकर का पक्ष जानने के लिए दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ।
*जनपद पंचायत बेरला और पंचायत पर उच्चस्तरीय जांच की मांग*
अधिकारियों द्वारा जानकारी होने के बाद भी कार्यवाही से मुकरने और ठंडे बस्ते में मामला डालने से ग्रामीणों का धैर्य अब टूट रहा है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि जनपद पंचायत बेरला की भूमिका और ग्राम पंचायत पतोरा में मूलभूत व 15वें वित्त की राशि के आबंटन तथा व्यय की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ निचले कर्मचारियों पर बात न डालकर, वित्तीय अनियमितता और उदासीनता बरतने वाले जिम्मेदार अफसरों एवं जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
*कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी*
गांव के मुख्य स्थलों की बदहाली और प्रशासनिक अनदेखी से परेशान ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द गौठान व बैठका स्थल के समीप से गंदे पानी की निकासी सुनिश्चित नहीं की गई और लापरवाही बरतने वाले सरपंच, सचिव तथा संबंधित जनपद अधिकारियों पर दंडात्मक दंडात्मक कार्यवाही नहीं हुई, तो वे चरणबद्ध आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का साफ कहना है कि अब केवल मौखिक आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, बल्कि धरातल पर ठोस काम और पारदर्शी जांच रिपोर्ट पेश करनी होगी।




