*निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण हेतु राजनीतिक दलों की बैठक सम्पन्न*

बेमेतरा:- भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण-2025 (स्पेशल इंटेंसिव रेविशन-सर्) की कार्यवाही जिले में प्रारंभ हो चुकी है। इसी क्रम में कलेक्टर रणबीर शर्मा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय राजनैतिक दलों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2003 एवं वर्ष 2025 की मतदाता सूची का मिलान किया गया है। इसमें जिन मतदाताओं का नाम दोनों सूचियों में पाया गया। उन्हें ‘A’ श्रेणी में तथा जिन मतदाताओं का नाम वर्ष 2025 की सूची में है, जबकि उनके माता-पिता का नाम 2003 की सूची में पाया गया, उन्हें ‘B’ श्रेणी में शामिल किया गया है। अब तक जिले में 65.56 प्रतिशत मतदाताओं का सफलतापूर्वक मिलान किया जा चुका है और इसका डाटा एंट्री कार्य प्रगति पर है।
कलेक्टर ने बताया कि जैसे मतदान केंद्रवार बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की नियुक्ति की जाती है, उसी प्रकार निर्वाचन आयोग ने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की नियुक्ति की व्यवस्था भी की है। इसके लिए सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया गया कि वे अपने-अपने बीएलए की सूची (नाम एवं मोबाइल नंबर सहित) दिनांक 07 अक्टूबर 2025 तक कलेक्टर कार्यालय को उपलब्ध कराएँ। निर्वाचन आयोग द्वारा दिनांक 09 एवं 10 अक्टूबर 2025 को विधानसभा स्तर पर ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया जाएगा। जिसमें बूथ लेवल एजेंट्स को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया एवं कार्यप्रणाली संबंधी प्रशिक्षण दिया जाएगा। कलेक्टर शर्मा ने कहा कि शुद्ध एवं त्रुटिरहित निर्वाचक नामावली तैयार करने में बूथ लेवल एजेंट्स की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। अतः सभी राजनीतिक दल अपने प्रतिनिधियों की नियुक्ति समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करें, ताकि निर्वाचक नामावलियों को और अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाया जा सके।”
बैठक में आयोग के निर्देशों के अनुरूप जिले में प्रस्तावित कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी साझा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। कलेक्टर शर्मा ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष एवं व्यवस्थित बनाए रखने में सभी राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी सुझावों का स्वागत किया जाएगा और प्रत्येक मतदान केन्द्र पर नियुक्त बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के माध्यम से कार्यवाही की जाएगी। नवीन मतदान केन्द्रों की सूची अनुमोदन उपरांत सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके आधार पर प्रत्येक केन्द्र में बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की नियुक्ति कर जानकारी साझा करना आवश्यक होगा। बैठक में यह जानकारी दी गई कि वर्ष 2003 एवं वर्ष 2025 की मतदाता सूची का मिलान कराया गया है। इसमें जिन मतदाताओं का नाम दोनों सूचियों में पाया गया उन्हें ‘A’ श्रेणी तथा जिन मतदाताओं का नाम 2025 की सूची में शामिल है किन्तु उनके माता-पिता का नाम वर्ष 2003 की सूची में पाया गया, उन्हें ‘बी’ श्रेणी में रखा गया है। इस प्रकार जिले में अब तक 65.56 प्रतिशत मतदाताओं का सफलतापूर्वक मिलान किया जा चुका है और इसकी डाटा एंट्री का कार्य प्रगति पर है। कलेक्टर ने यह भी बताया कि निर्वाचक नामावली में नाम दर्ज कराने हेतु वर्ष भर चार अर्हता तिथियां 01 जनवरी, 01 अप्रैल, 01 जुलाई और 01 अक्टूबर निर्धारित की गई हैं। नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6, नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 तथा संशोधन, स्थानांतरण, डुप्लीकेट ईपिक कार्ड अथवा दिव्यांगजन को चिह्नित करने हेतु फॉर्म-8 का उपयोग किया जा सकता है। ये सभी फॉर्म वोटर हेल्पलाइन ऐप अथवा voters.eci.gov.in वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन किसी भी समय भरे जा सकते हैं।एपिक कार्ड निर्माण का कार्य एमटेक इनोवेशन प्रा. लि., पुणे (महाराष्ट्र) द्वारा किया जा रहा है, जिसे स्पीड पोस्ट के माध्यम से मतदाताओं को भेजा जा रहा है। साथ ही, मतदाता अपना e-EPIC कार्ड भी ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं। मतदाता सूची या ईपिक कार्ड से संबंधित किसी भी जानकारी अथवा शिकायत के लिए जिला स्तरीय टोल फ्री नंबर 1950 पर कार्यालयीन समय में संपर्क किया जा सकता है।इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रकाश भारद्वाज, विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्यगण एवं निर्वाचन शाखा के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




