*’नल जल’ योजना की पोल खुली: नवकेशा में फूटी पाइपलाइन बनी बच्चों और ग्रामीणों के लिए खतरा*

देवकर:- ग्राम पंचायत नवकेशा में केंद्र की महत्वाकांक्षी ‘हर घर नल जल’ योजना घोर लापरवाही और उदासीनता का शिकार हो गई है, जिसके चलते गांव की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
पिछले महीनों से शासकीय प्राथमिक शाला नवकेशा के सामने मुख्य पाइपलाइन फूटी हुई है। इससे न सिर्फ साफ पानी की जगह ग्रामीणों के घरों में दूषित पानी पहुँच रहा है, बल्कि जमा हुआ गंदा पानी स्कूल और आंगनबाड़ी परिसर में भी घुस रहा है।

*शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों खतरे में*
जमा हुए दूषित पानी के कारण स्कूल की दीवारों में सीलन (सीपेज) आ गई है। दीवारों के गीला रहने से परिसर में मच्छर पनप रहे हैं, जिससे स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को भारी परेशानी हो रही है और वे संक्रामक बीमारियों के प्रति अतिसंवेदनशील हो गए हैं।
सबसे गंभीर पहलू यह है कि जब नल चालू होते हैं, तो पानी पाइपलाइन से बाहर निकलता है, लेकिन नल बंद होते ही बाहर सड़क पर जमा गंदा और दूषित पानी वापस पाइपलाइन में खिंच जाता है। यही दूषित पानी सुबह-शाम ग्रामीणों के घरों में पहुँच रहा है, जिसका इस्तेमाल वे पीने और खाना बनाने जैसे अति आवश्यक कार्यों के लिए कर रहे हैं।
*पंचायत की उदासीनता पर गंभीर सवाल*
ग्रामीणों का कहना है कि यह लापरवाही पंचायत प्रतिनिधियों की उदासीनता का नतीजा है। पाइपलाइन फटे हुए महीनों बीत चुके हैं, लेकिन इसे ठीक कराने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। दूषित पानी के लगातार उपयोग से गांव में बीमारी फैलने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना ‘हर घर शुद्ध जल’ की जगह ‘हर घर दूषित पानी’ पहुँचा रही है।
स्थानीय प्रशासन और पंचायत को इस गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। बच्चों के स्कूल परिसर और ग्रामीणों के घरों तक दूषित पानी पहुँचाने वाली इस फूटी हुई पाइपलाइन की शीघ्र मरम्मत करानी अनिवार्य है, ताकि ग्रामीण स्वास्थ्य और बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे।




