न अदरक…न इलायची, बिना मसालों के स्वादिष्ट चाय बनाती हैं प्राजक्ता कोली, 5 मिनट में बनकर हो जाएगी तैयार
चाय के बिना दिन की शुरुआत अधूरी सी लगती है. कोई सुबह की चाय का दीवाना है, तो किसी को शाम की चाय चाहिए ही चाहिए और कई तो ऐसे हैं जिन्हें सुबह और शाम दोनों टाइम चाय पीनी होती है. मसाले से चाय का स्वाद बढ़ता है, जिसे पीना सबको बहुत पसंद होता है. लेकिन हर बार मसाले वाली तेज चाय पीने से कुछ लोगों की सेहत बिगड़ सकती है, जिसकी वजह से वो लोग इसे पीने से बचते हैं. कई बार मन करता है कि बस हल्की, सिंपल और आराम देने वाली चाय मिले, जिसमें चाय का असली स्वाद महसूस हो
अगर आप बिना मसाले की लेकिन स्वादिष्ट चाय पीने का मन करता है तो एक्ट्रेस प्राजक्ता कोली ने चाय बनाने का एक बहुत ही आसान और झंझट-फ्री तरीका बताया है. इस चाय में न अदरक है, न इलायची और न ही कोई मसाला, फिर भी स्वाद में ये कमाल की लगती है. प्राजक्ता की ये मसाला-फ्री चाय उन लोगों के लिए परफेक्ट है, जो बिना मेहनत के अच्छी चाय पीना चाहते हैं. अगर आप भी चाय के शौकीन हैं और कुछ अलग ट्राई करना चाहते हैं, तो प्राजक्ता का चाय बनाने का तरीका आपके लिए बढ़िया साबित होगा.
मसाला‑फ्री चाय क्या है?
आम तौर पर सभी घरों में चाय में अदरक से लेकर इलायची जैसे मासले डाले जाते हैं. लेकिन प्राजक्ता ने चाय की जो रेसिपी बताई है उसमें कोई भी मसाला नहीं डाला गया है. इसे वो ‘नो मसाला चाय’ कहती हैं. इसका मजा ये है कि चाय का असली स्वाद सीधे महसूस होता है.
- कप पानी
- 1 छोटी चम्मच चाय पत्ती
- ½ कप दूध (या स्वाद के अनुसार)
- चीनी – स्वाद के अनुसार
चाय बनाने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
- प्रजक्ता कोली वाली स्पेशल चाय बनाने के लिए सबसे पहले बिल्कुल नॉर्मल अंदाज में एक पैन में पानी उबालें.
- जैसे ही पानी उबलने लगे, आंच बंद करें और उसमें चाय पत्ती डालें.
- इसके बाद पैन को ढक्कन से ढक दें और लगभग 30 सेकंड रुकें. इससे चाय हल्की और बढ़िया बनती है. अगर आप चाय गाढ़ी चाहते हैं, तो थोड़ा और समय रख सकते हैं.
- अब चाय को कप में छान लें ताकि पत्ती अलग हो जाए.
- छानने के बाद अपनी पसंद के अनुसार दूध और शुगर डालें. आपकी बिना मसालों की लेकिन स्वादिष्ट चाय बिल्कुल तैयार है.
प्राजक्ता क्यों पसंद करती हैं इस तरह की चाय पीना
प्राजक्ता बताती हैं कि उन्हें मसाले वाली चाय पसंद नहीं है क्योंकि मसाले चाय के असली स्वाद को ढक देते हैं. उनका ये तरीका इतना सिंपल है कि उनके घरवाले और दोस्त भी अक्सर इसे पसंद नहीं करते, लेकिन उन्हें ये ठीक लगता है क्योंकि फिर कोई उनसे बार‑बार चाय बनाने के लिए नहीं कहता.




