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मौसम में हो रहा उतार चढ़ाव से चना व सरसो की फसल में लग रहे कीड़े, कर दें इसका छिड़काव

चित्रकूटः चित्रकूट में एक बार फिर मौसम करवट ले रहा है. दिन में हल्की धूप जरूर निकल रही है, लेकिन सुबह और शाम की ठंड ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, तापमान में लगातार गिरावट का असर अब खेतों तक पहुंचने लगा है. खासकर चना और सरसों की फसलों पर कीटों का खतरा मंडराने लगा है. कई किसानों के सरसों में माहू और चना में हरी इल्ली व सुंडी का प्रकोप दिखाई देने लगा है.ऐसे में किसान अपनी मेहनत की फसल को बचाने के लिए उपाय तलाश रहे हैं.पाठा क्षेत्र में इस समय मौसम का मिजाज बदलता हुआ नजर आ रहा है. रात में ठंडी हवाएं और सुबह ओस की नमी फसलों के लिए अनुकूल तो है, लेकिन जैसे ही दिन में तापमान थोड़ा बढ़ता है, कीट सक्रिय हो जाते हैं,यही कारण है कि दलहनी और तिलहनी फसलों में कीड़ों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है. यदि समय रहते रोकथाम न की जाए तो उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है.चना और सरसों की फसल में जब फूल और कलियां आनी शुरू हो जाएं, उसी समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है.उनका कहना है कि ऐसे चरण में नीम तेल का छिड़काव सबसे कारगर उपाय साबित हो सकता है.नीम तेल प्राकृतिक कीटनाशक के रूप में काम करता है और कीड़ों की बढ़ोतरी को रोकता है. इससे फसल सुरक्षित रहती है और रासायनिक दवाओं पर निर्भरता भी कम होती है.

बिना सलाह अपने मन से किसी दवा का छिड़काव

उन्होंने आगे की जानकारी में बताया कि यदि खेत में पहले से कीट दिखाई देने लगें तो किसान अनुशंसित दवाओं का छिड़काव कर सकते हैं, लेकिन बिना सलाह के अधिक मात्रा में दवाई का का प्रयोग नुकसानदायक भी हो सकता है.उन्होंने बताया कि हमारे जिले में कृषि रक्षा इकाइयों पर नीम ऑयल उपलब्ध है, जहां से किसान इसे आसानी से खरीद सकते हैं.और अपने खेत में बचाव फसलों का बचाव कर सकते है.

Abhitab Namdeo

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