*जनपद पंचायत कार्यालय में लीपापोती का मामला, गुणवत्ताहीन रंग-रोगन पर उठे सवाल*

*लाखों खर्च के बाद 1.5 साल में ही उखड़ गया पेंट, जांच और कार्रवाई की मांग*
बेमेतरा/साजा:- जनपद पंचायत साजा कार्यालय में हुए रंग-रोगन और मरम्मत कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता और गुणवत्ताहीन सामग्री के उपयोग का मामला सामने आया है। शासन-प्रशासन द्वारा लाखों रुपये खर्च कर करीब 1 से डेढ़ साल पहले कराए गए पुट्ठी, रंग-रोगन सहित मरम्मत कार्य अब सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्य में मानक और मापदंडों को दरकिनार कर ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार किया गया है।

*नाममात्र की रह गई रंग-रोगन*
जनपद पंचायत साजा कार्यालय के कक्षों और बाहर के आंगन परिसर में लगाई गई लाल रंग की पेंट अब जगह-जगह से उखड़ गई है। उसका नाम-निशान तक नहीं बचा है। ग्रामीणों का कहना है कि घटिया मटेरियल और सस्ती अनुपयोगी सामग्री का उपयोग कर मोटी रकम डकारने के लिए गुणवत्ताहीन कार्य किया गया है। स्थानीय जनसेवक रविन्द्र भास्कर चौबे ने आरोप लगाते हुए कहा जनपद पंचायत साजा के विभागीय अधिकारियों, संबंधित निरीक्षण और कार्य एजेंसी ठेकेदार ने लापरवाहीपूर्वक मजदूरों के भरोसे काम कराया। मानक-मापदंड दरकिनार कर भ्रष्टाचार की खेल सामने है। जनता के पैसे से हुआ काम डेढ़ साल भी नहीं टिक पाया।
*गुणवत्ता की जांच और कार्रवाई की मांग*
इस पूरे मामले में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पुट्ठी, रंग-रोगन सहित मरम्मत कार्य की उच्च स्तरीय गुणवत्ता जांच की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा आरोपी का नाम और फोटो सार्वजनिक किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी राशि का इस तरह दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




