*बेमेतरा में करोड़ों का खेल, घटिया निर्माण की खुली पोल, उद्घाटन से पहले ही वेयरहाउस की दीवारें और सड़कें फटीं*

बेमेतरा:- विकासखण्ड बेरला के अंतर्गत आने वाले ग्राम सोरला में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित नए वेयरहाउस (गोदाम) के निर्माण कार्य में घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। हाल ही में बने इस वेयरहाउस परिसर की बाउंड्रीवॉल और सीसी (सीमेंट-कंक्रीट) सड़क पर बड़ी-बड़ी दरारें आ गई है। इस स्थिति ने शासन के पैसों के सही उपयोग और निर्माण एजेंसी कीफ़ कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है। वही सीसी रोड में उपयोग किए गए घटिया मटेरियल की उपयोग से सीमेंट पपड़ी बन कर उखड़ने लगे है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह निर्माण कार्य कुछ समय पूर्व ही पूरा हुआ था, लेकिन इतने कम समय में सड़क से सीमेंट की पपड़ी बनकर उखड़ने और दीवारों में दरारें पड़ना साफ तौर पर घटिया निर्माण सामग्री के उपयोगत की ओर इशारा करता है। बाउंड्रीवॉल के कई हिस्सों में आई गहरी दरारों से उसके कभी भी गिर जाने का खतरा बना हुआ है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
परिसर में बनी सीसी सड़क भी कई जगहों से उखड़ने और टूटने लगी है, जिससे भारी वाहनों की आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। करोड़ों की लागत से तैयार हुए इस ढाँचे की ऐसी जर्जर हालत देखकर क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों ने गुणवत्ता जांच में अनदेखी की, जिसका खामियाजा अब देखने को मिल रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र के लोगों ने शासन-प्रशासन से उच्च स्तरीय तकनीकी जांच की मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि निर्माण कार्य में शामिल ठेकेदार और निगरानी करने वाले संबंधित इंजीनियरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवॉल और उखड़ी हुई सड़क की जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराई जाए।
अब देखना यह होगा कि करोड़ों के इस प्रोजेक्ट में हुई धांधली पर संबंधित विभाग क्या कदम उठाता है। यदि समय रहते निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो सरकारी खजाने को चूना लगाने वाले ऐसे मामलों पर अंकुश लगाना नामुमकिन होगा।
◆इस संबंध में जनसेवक रविन्द्र भास्कर चौबे ने बताया कि कार्य एजेंसी ठेकेदार सहित प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के चलते घटिया मटेरियल की उपयोग से करोड़ों की राशि में भ्रष्टाचार देखने को मिल रहा है।



