*मनियारी में 60 लाख राशि के कथित भ्रष्टाचार पर उग्र बवाल, तालेबंदी के बाद 27 अगस्त की ग्राम सभा से भी सरपंच-सचिव नदारद, जांच व राशि रिकवरी की मांग*


बेमेतरा:- जिले के जनपद पंचायत बेरला के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत मनियारी में मूलभूत सुविधाओं के नाम पर भारी राशि के गबन, पीएम आवास योजना की सूची में धांधली और जॉब कार्ड न बनने की शिकायतों को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब चरम पर पहुंच गया है। आवेदक अभय उर्फ बंटी कुमार ने सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत में 2025 से 2026 के बीच विकास कार्यों के नाम पर कथित रूप से 60 लाख रुपये से अधिक के भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ है। जमीनी स्तर पर कार्य न होने और फर्जी खर्च दिखाए जाने से ग्रामीणों में भारी असंतोष व्याप्त है।
*30 जून की ग्राम सभा में सचिव के भागने से शुरू हुआ विवाद*
इससे पूर्व 30 जून 2026 को आयोजित ग्राम सभा में जब आरटीआई कार्यकर्ता अभय उर्फ बंटी महिलांगे और ग्रामीणों ने वर्ष 2025-26 के आय-व्यय तथा वित्तीय अनियमितताओं पर तीखे सवाल पूछे, तो पंचायत सचिव मनोज गायकवाड़ थोड़ा रुकने का बहाना बनाकर बीच बैठक से ही फरार हो गए। घंटों इंतजार और फोन बंद मिलने के बाद ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 व जिला प्रशासन से शिकायत की, जिसके बाद बैठक स्थगित कर दी गई थी। इस दौरान सरपंच सोहन साहू, उपसरपंच संतोष साहू और रोजगार सहायक चंद्रशेखर चेलक की मौजूदगी में ग्रामीणों ने नालियों की सफाई, सड़कों के गड्ढों, मूलभूत सुविधा, केंद्र व राज्य सरकार से बजट के आय-व्यय, शासन-प्रशासन द्वारा चलाये गए योजनाओं पर खर्च, साफ सफाई, नल-जल, विकास कार्य, ग्रामीणों के जॉब कार्ड न बनने सहित तमाम मुद्दा उठाया था। ग्रामीणों के सवाल व प्रश्न पर सरपंच सोहन साहू के पास कोई जवाब नहीं था। इसके चलते ग्रामीणों ने देर शाम तक सचिव के आने की राह देखते ग्रामीण पानी में भीगते रहे लेकिन सचिव मनोज गायकवाड़ की उपस्थिति नहीं हुआ। जिससे ग्रामीणों में और ज्यादा गुस्सा फूटा। वही पंचायत में लाखों रुपये के गबन होने के कारण संदेह बढ़ता गया। जिसके बाद ग्रामीणों ने बेरला जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्या ठाकुर को शिकायत आवेदन किया गया। लेकिन कारवाही के नाम पर सिर्फ लीपापोती व ग्रामीणों को ठेंगा दिखा दिया गया। जांच के नाम पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया दिखाई नहीं दिया गया।
*24 अगस्त को मुनादी, 25 अगस्त सरपंच सचिव के नदारद होने पर पंचायत में ग्रामीणों ने जड़ा ताला*
प्रशासनिक लापरवाही का आलम यह रहा कि 25 अगस्त को दोपहर 2 बजे ग्राम सभा आयोजित करने के लिए जनप्रतिनिधियों ने 24 अगस्त की शाम कोटवार के माध्यम से गांव में हाका (मुनादी) कराया। तय समय पर ग्रामीण तो पहुंचे, लेकिन सरपंच और सचिव दोनों नदारद रहे। लगातार जिम्मेदारियों से भागने और जनपद पंचायत बेरला की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सीईओ दिव्या ठाकुर से शिकायत के बावजूद कोई कार्यवाही न होने पर ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर 25 अगस्त को ग्राम पंचायत भवन के मुख्य दरवाजे पर ताला जड़ दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस कथित भ्रष्टाचार में संबंधित आला अधिकारियों की भी संलिप्तता और मिलीभगत है।
*25 अगस्त को तत्काल ग्रामीण जनपद पंचायत पहुंच कर सीईओ को दोबारा दिया शिकायत आवेदन*
ग्राम पंचायत मनियारी में 25 अगस्त को ग्राम सभा करने के नाम पर कोटवार के माध्यम से गांव में मुनादी कराया गया। लेकिन सरपंच व सचिव मौजूद नहीं होने पर ग्रामीणों ने बेरला सीईओ को शिकायत किया गया। ग्राम पंचायत मनियारी में ग्राम सभा होंगे तो सीईओ सहित सरपंच-सचिव की उपस्थिति में किया जाए। जिसके बाद सीईओ द्वारा आश्वासन दिया गया। 27 अगस्त को ग्राम सभा होना था जहां पर जनपद पंचायत कार्यालय से टीम बना कर भेजे गए, लेकिन मामला तब गरमाया जब ग्राम पंचायत मनियारी के ग्राम सभा पर उपस्थित अधिकारियों को देखकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो रहे थे। ग्रामीण सोच रहे थे कि इस ग्राम सभा की अध्यक्षता सीईओ करेंगे जिसमें सरपंच व सचिव भी मौजूद होंगे। लेकिन इसके विपरीत होने पर ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों को कहां गया कि ग्राम सभा होंगे तो सरपंच और सचिव सहित सीईओ के उपस्थिति में किया जाएगा।
*27 अगस्त को फिर सरपंच-सचिव की गैर-मौजूदगी, पंचनामा तैयार*
प्रशासनिक आदेश क्रमांक 2636/स्था./नि./2026 के परिपालन में 27 अगस्त 2026 को दोपहर 1:30 बजे पर्यवेक्षण हेतु सहायक विकास विस्तार अधिकारी पारस राम ध्रुव अति.क.अ. एवं अश्विनी पटेल स.वि.वि.अ. की मौजूदगी में पुनः ग्राम सभा बुलाई गई। हालांकि, तालेबंदी और विरोध के बाद भी सरपंच और सचिव इस महत्वपूर्ण बैठक से नदारद रहे। अधिकारियों ने वित्तीय रिकॉर्ड सरपंच-सचिव के पास होने की बात कहकर ब्योरा देने में असमर्थता व्यक्त की। इसके बाद ग्रामीणों तुलसीराम महिलांगे, अभय कुमार, रविन्द्र भास्कर चौले, अशोक कुमार पंच, संतोष साहू उपसरपंच, कमलेश निषाद, प्रदीप कुमार साहू सहित समस्त ग्रामीण की मांग पर 27 अगस्त की बैठक भी स्थगित कर दी गई और मौके पर पंचनामा तैयार किया गया।
*उच्चस्तरीय जांच और गबन राशि की रिकवरी की मांग*
लगातार ग्राम सभा बैठकों से सरपंच-सचिव के भागने और ₹60 लाख के कथित घपले को देखते हुए ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि उच्चस्तरीय जांच दल का गठन किया जाए। जिला प्रशासन निष्पक्ष जांच टीम गठित कर वर्ष 2025 से जून 2026 तक हुए सभी विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन कराए। गबन राशि की रिकवरी की बात भी सामने आए, जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाए और गबन की गई शासकीय राशि की शत-प्रतिशत वसूली की जाए। दंडात्मक कार्यवाही को लेकर कहा कि कर्तव्य से गायब रहने वाले सरपंच व सचिव पर सख्त प्रशासनिक कार्यवाही की जाए और आगामी ग्राम सभा में उनकी उपस्थिति अनिवार्य की जाए।



