*अग्निशमन यंत्रों की एक्सपायरी के बावजूद लापरवाही, बेमेतरा के बेरला CHC में जान जोखिम में डाल रहे मरीज और डॉक्टर*

बेमेतरा/बेरला:- सुरक्षित मातृत्व आश्वासन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी बेरला में विभागीय अधिकारियों की संवेदनहीनता और बड़ी लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। अस्पताल परिसर में रखे अग्निशमन यंत्र केवल शो-पीस बनकर रह गए है। हैरानी की बात यह है कि यंत्रों पर तारीखों का ऐसा घालमेल किया गया है जो प्रशासनिक अनदेखी की पोल खोलता है। एक सिलिंडर पर 15 मई 2025 से 14 मई 2025 दर्ज है, तो वहीं दूसरे पर 15 मई 2025 से 14 मई 2026 अंकित कर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। समय सीमा समाप्त होने के बाद भी रिफिलिंग न कराना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है।
*सफाई व्यवस्था ध्वस्त: गंदगी और बदबू से बेहाल हो रहे मरीज*
अस्पताल की दुर्दशा का आलम यहीं खत्म नहीं होता। महिला और पुरुष शौचालयों में पसरी भीषण गंदगी मरीजों के लिए इलाज कराने के बजाय और ज्यादा बीमार पड़ने की वजह बन गई है। स्थानीय निवासियों और भर्ती मरीजों का स्पष्ट कहना है कि शौचालय के भीतर जाने पर गंदगी देखकर राहत मिलने के बजाय उल्टी आने लगती है। मजबूरी में मरीजों और उनके परिजनों को लघुशंका और शौच के लिए अस्पताल परिसर से बाहर जाना पड़ रहा है, जो स्वच्छ भारत अभियान के दावों की धज्जियां उड़ाता है।

*जर्जर भवन और छत से टपकती सीलन, बिजली के तारों में करंट का खतरा*
लगातार हो रही बारिश ने स्वास्थ्य केंद्र के पुराने और जर्जर भवन की कड़वी सच्चाई को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। भवन की अंदरूनी और बाहरी दीवारों पर गहरी दरारें साफ दिखाई देती हैं और बरसों से पुताई न होने के कारण काई जमी हुई है। सबसे ज्यादा खौफनाक स्थिति यह है कि छत से टपकती सीलन की बूंदें सीधे खुले बिजली के तारों और बोर्ड्स पर गिर रही हैं। इससे परिसर में कभी भी बड़ा शॉर्ट सर्किट या करंट फैलने की भयावह दुर्घटना घट सकती है, जिससे मरीज, डॉक्टर और तीमारदार लगातार अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं।
*जनसेवक ने जताई कड़ी आपत्ति, प्रशासन की मॉनिटरिंग पर उठाए सवाल*
इस गंभीर स्थिति पर स्थानीय जनसेवक रविंद्र भास्कर चौबे ने कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली की सख्त निंदा की है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में इलाज कराने आने वाली आम जनता, स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टरों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। नियमित मॉनिटरिंग और रखरखाव के अभाव में किसी भी दिन बड़ी जनहानि हो सकती है। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस अव्यवस्था पर तुरंत संज्ञान लिया जाए।
*जिम्मेदारों पर निष्पक्ष जांच और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग*
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेरला में फैली इस घोर बदहाली, फर्जी तारीखों वाले अग्निशमन यंत्रों और मरीजों की जान को खतरे में डालने वाली लापरवाही के खिलाफ जनहित में कड़ी कार्रवाई की सख्त जरूरत है। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से अपील की है कि वे तत्काल मौके का मुआयना करें। कर्तव्य में कोताही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच बैठाकर दंडात्मक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी संभावित त्रासदी को रोका जा सके।




