*जिओ के सुस्त नेटवर्क से बेमेतरा वासी बेहाल, रिचार्ज के नाम पर कंपनी दिखा रही पूरी चुस्ती*

बेमेतरा। जिले में इन दिनों जिओ नेटवर्क की बदहाली से उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश और नाराजगी का माहौल है। कंपनी के लुभावने दावों के विपरीत, जिओ सिम का नेटवर्क और इंटरनेट सेवा पूरी तरह वेंटिलेटर पर नजर आ रही है। स्थिति यह है कि मोबाइल स्क्रीन पर इंटरनेट का गोल-गोल चक्का घूमता रहता है, लेकिन पेज लोड होने का नाम नहीं लेता। डिजिटल इंडिया के इस दौर में जिओ के इस लचर नेटवर्क ने आम जनता, विद्यार्थियों और कारोबारियों का जीना मुहाल कर दिया है, जिससे लोगों के जरूरी काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
नेटवर्क गायब रहने के कारण जिले के उपभोक्ता सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सऐप, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और एक्स का उपयोग करने के लिए तरस रहे हैं। कोई जरूरी डॉक्यूमेंट भेजना हो या ऑनलाइन पेमेंट करना, नेटवर्क की सुस्ती के चलते लोग घंटों मोबाइल हाथ में थामे मायूस बैठने को मजबूर हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ठप होने से न सिर्फ आमजन का मनोरंजन और संवाद बाधित हुआ है, बल्कि ऑनलाइन कारोबार करने वालों को भी भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ रहा है।
दूसरी तरफ, सेवा के नाम पर शून्य साबित हो रही कंपनी रिचार्ज वसूली के मामले में बेहद चुस्त और सख्त नजर आती है। रिचार्ज प्लान खत्म होने के दो-चार दिन पहले से ही जिओ सेंटर और कर्मचारियों के फोन तथा मैसेज आने शुरू हो जाते हैं। उपभोक्ताओं को लगातार चेतावनी दी जाती है कि सीमित समय का ऑफर है, तुरंत रिचार्ज कराएं, वरना सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी। दो दिन देरी होते ही इनकमिंग-आउटगोइंग ठप कर दी जाती है, जिससे उपभोक्ता अपनों से संपर्क तक नहीं साध पाते।
इसके अलावा, कंपनी के गणित और कैलेंडर पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कैलेंडर में महीना 30 या 31 दिन का होता है, लेकिन जिओ के पैकेज में महीना महज 28 दिन का ही माना जाता है। उपभोक्ता से पूरे पैसे वसूलने के बाद भी उसे दैनिक डेटा (1GB या 2GB) दिया जाता है। यदि कोई ग्राहक किसी दिन अपना डेटा इस्तेमाल न कर पाए, तो वह रात 12 बजे अपने आप खत्म हो जाता है और अगले दिन कैरी-फॉरवर्ड नहीं होता। पैसे पूरे लेने के बावजूद बचा हुआ डेटा जब्त कर लेना सीधे तौर पर ग्राहकों के जेब पर डाका डालने जैसा है।
जिओ कंपनी की इसी मनमानी, घटिया नेटवर्क और 28 दिन के रिचार्ज वाले फर्जीवाड़े पर जनसेवक रविन्द्र भास्कर चौबे ने करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि एक तरफ कंपनी रिचार्ज का पैसा वसूलने के लिए दिन-रात कॉल्स की बौछार करती है, वहीं दूसरी तरफ नेटवर्क सुधारने के नाम पर आपराधिक चुप्पी साध लेती है। लगातार आ रही शिकायतों के बावजूद न तो स्पीड सुधारी जा रही है और न ही कवरेज। कंपनी की इस मुनाफाखोरी और जनविरोधी रवैये के खिलाफ बेमेतरा के ग्राहकों का आक्रोश अब चरम पर पहुंच चुका है।




