*राशन कार्ड सेवा ठप, आरसीएमएस पोर्टल शिफ्टिंग के बीच सीएससी और लोक सेवा केंद्रों की अवैध वसूली से हड़कंप*

बेमेतरा/बेरला:- छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले सहित पूरे प्रदेश में राशन कार्ड से जुड़े कामकाज पर अचानक ब्रेक लग जाने से हड़कंप मच गया है। पिछले एक सप्ताह से नए राशन कार्ड बनाने, नाम जोड़ने, संशोधन करने और विलोपित करने की सभी ऑनलाइन सेवाएं पूरी तरह ठप पड़ी हैं। दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर निराश लौट रहे गरीबों की लाचारी ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा राशन कार्ड मॉड्यूल को अब आरसीएमएस में शिफ्ट किया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया को केंद्रीकृत करने के लिए सारा डेटा नए पोर्टल में ट्रांसफर किया जा रहा है। इसी तकनीकी बदलाव के कारण पिछले एक हफ्ते से आम जनता के आवेदन स्वीकार नहीं हो पा रहे हैं।
विभागीय कार्यप्रणाली में बार-बार हो रहे बदलावों ने आम जनता की परेशानियों को कई गुना बढ़ा दिया है। पहले राशन कार्ड का काम मूल पोर्टल से चलता था, जिसे बाद में ई-डिस्ट्रिक्ट में ट्रांसफर किया गया। इसके बाद प्रक्रिया को सेवा सेतु में अनिवार्य सेवा के रूप में जोड़ा गया, लेकिन अब वहां से भी सेवा को हटा दिए जाने से व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
राशन कार्ड न बनने और संशोधन का काम रुकने से जिले के असहाय और मजदूर वर्ग के लोग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। बेमेतरा जिले में बड़ी संख्या में खेतिहर और निर्माणी मजदूर निवास करते हैं, जिनके लिए राशन कार्ड आजीविका का मुख्य सहारा है। संयुक्त परिवारों से अलग हो रहे नए परिवारों को भी कार्ड न बनने के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
राशन कार्ड सेवाओं के बंद होने का असर ग्रामीण स्तर पर भी साफ देखा जा रहा है। हर गांव में सरपंचों के पास राशन कार्ड बनवाने और नाम जुड़वाने के दर्जनों आवेदन लंबित पड़े हैं। लोग हर दिन पंचायत और जनपद कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पोर्टल बंद होने की वजह से जनप्रतिनिधि और कर्मचारी भी बेबस नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना के तहत पूरे प्रदेश के डेटा को अब सेंट्रल सर्वर में जोड़ा जा रहा है। पहले जिला और जनपद स्तर पर बनने वाले राशन कार्ड अब पूरी तरह से एक ही केंद्रीय पोर्टल से संचालित होंगे। इसी डेटा अपलोडिंग और डाउनलोडिंग की वजह से पूरी व्यवस्था पर अस्थायी ब्रेक लगाया गया है।
लोक सेवा केंद्रों और सीएससी संचालकों द्वारा अवैध वसूली का बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय जनसेवकों और हितग्राहियों का आरोप है कि राशन कार्ड बनाने के नाम पर आम लोगों से ₹1,000 से लेकर ₹3,000 तक की मनमानी रकम ऐंठी जा रही है। बिना प्रस्ताव और कागजात के नाम पर वसूली का यह खेल बेखौफ जारी है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर महेंद्र वर्मा ने बताया कि राशन कार्ड सेवा को सेवा सेतु से हटाकर सेंट्रल मार्केट आरसीएमसी में शिफ्ट किया जा रहा है। वर्तमान में मॉड्यूल शिफ्टिंग का काम तेजी से चल रहा है, जिसके पूरा होते ही सेवाएं पुन बहाल कर दी जाएंगी।
वहीं स्पष्ट रूप से किया कि सभी डेटा को सेंट्रल मार्केट की साइट में डाला जा रहा है, जिसके कारण वर्तमान में राशन कार्ड से संबंधित सभी काम अस्थाई रूप से बंद हैं। अब देखना होगा कि इस तकनीकी बदलाव के बीच पिस रहे गरीबों को कब तक राहत मिलती है और अवैध वसूली करने वालों पर क्या कार्रवाई होती है।




