छत्तीसगढ़

*भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा सलधा-संडी ब्रिज, घटिया निर्माण से दरारें और धंसी सड़क, बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा विभाग*

 

​बेमेतरा/बेरला:- लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग दुर्ग के अंतर्गत बेमेतरा जिले के बेरला ब्लॉक में सरकारी राशि के बंदरबांट का एक बड़ा मामला सामने आया है। क्षेत्र के ग्राम सलधा और संडी के बीच नाले पर बने ब्रिज (पुल) में लगातार आ रही दरारें और धंसती सड़क ठेकेदार व विभागीय इंजीनियरों की जुगलबंदी और लापरवाही की पोल खोल रही है। शासन-प्रशासन द्वारा जनता की सुविधा के लिए स्वीकृत लाखों रुपये की राशि यहाँ भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है।
​जैसे-जैसे समय बीत रहा है, इस ब्रिज की हालत बद से बदतर होती जा रही है। वर्तमान में ब्रिज की सतह, उससे जुड़ी एप्रोच रोड और पुल के ऊपर बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं। पुल की सड़क धंसने से यहाँ हर वक्त गंभीर हादसे की आशंका बनी हुई है, जिससे राहगीर और स्थानीय ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।


​अधिकारियों की रहस्यमयी चुप्पी, जांच से कतरा रहा विभाग
​हैरानी की बात यह है कि सेतु संभाग दुर्ग के जिम्मेदार इंजीनियर, एसडीओ, कार्यपालन अभियंता और अधीक्षण अभियंता में से किसी ने भी इस बदहाल ब्रिज का सुध लेना मुनासिब नहीं समझा। अधिकारियों का इस ओर ध्यान न देना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आम जनता के बीच यह चर्चा आम है कि ठेकेदार को अनुचित लाभ पहुँचाने के लिए जानबूझकर गुणवत्ताहीन निर्माण को हरी झंडी दी गई और अब अधिकारी किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे है।
*​मरम्मत के नाम पर सिर्फ लीपापोती*
विभाग ने अपनी कमियों को छिपाने के लिए मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की है। धंसे हुए हिस्सों पर डामरीकरण या कंक्रीट की मजबूत लेयर चढ़ाने के बजाय सिर्फ जीरा गिट्टी और मुरुम डाल दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में कभी किसी पक्के ब्रिज के बीचों-बीच इस तरह मुरुम डालकर गड्ढे भरते नहीं देखा। यह मरम्मत नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने की घटिया कोशिश है।


*​बिचौलियों का संरक्षण, कार्यवाही की मांग पर अड़ा प्रशासन*
​स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने इस घटिया निर्माण के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनका आरोप है कि कुछ रसूखदार बिचौलियों के संरक्षण के कारण दोषी ठेकेदार और अधिकारियों पर कोई आंच नहीं आती। शासन-प्रशासन लगातार जनता की सुरक्षा और भरोसे के साथ खिलवाड़ कर रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि:
​इस पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो।
​दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व इंजीनियरों पर सख्त दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
​घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदार का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।

*​क्या कहते हैं जनप्रतिनिधि?*

​”सलधा-संडी नाला पर जब से इस ब्रिज का निर्माण हुआ है, इसकी गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है। न तो यहाँ समय पर निरीक्षण किया जाता है और न ही सही तरीके से मरम्मत। यदि इंजीनियर के स्टीमेंट के अनुसार ही काम हुआ है, तो जगह-जगह दरारें क्यों आ रही हैं और सड़क क्यों धंस रही है? चंद रुपये बचाने के चक्कर में जनता की जान को खतरे में डाला गया है। विभाग को तुरंत जांच कर दोषी ठेकेदार का लाइसेंस रद्द करना चाहिए।
— रविन्द्र भास्कर चौबे, स्थानीय जनसेवक

GAUTAM BEMTRA

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