*अतिथि क्रीड़ाधिकारी, ग्रंथपाल एवं सहायक प्राध्यापकों ने समान योग्यता समान वेतन की उठाई मांग*

बेमेतरा:- उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा के निवास स्थल पर प्रदेशभर से आए अतिथि क्रीड़ाधिकारी, अतिथि ग्रंथपाल एवं अतिथि सहायक प्राध्यापक एकत्रित हुए। प्रतिनिधिमंडल ने अतिथि व्याख्याता नीति के अंतर्गत सभी अतिथि क्रीड़ाधिकारी, ग्रंथपाल एवं अतिथि सहायक प्राध्यापकों के लिए समान वेतनमान अथवा ₹57,700 एकमुश्त मानदेय लागू करने की मांग रखी।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में नियमित क्रीड़ाधिकारी, नियमित ग्रंथपाल एवं नियमित सहायक प्राध्यापक का वेतनमान समान है, जबकि अतिथि व्यवस्था में इन पदों के मानदेय में बहुत बड़ा अंतर है। जब नियमित व्यवस्था में तीनों पदों को समान वेतन दिया जाता है, तो अतिथि व्यवस्था में वेतन विसंगति उचित नहीं है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की अगर अतिथि सहायक प्राध्यापकों को ₹57,700 एकमुश्त मानदेय होता है या ₹2,000 प्रतिदिन का भुगतान किया जाता है, उसी प्रकार अतिथि क्रीड़ाधिकारी एवं अतिथि ग्रंथपालों को भी समान योग्यता एवं समान कार्य के आधार पर वही मानदेय प्रदान किया जाए। इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने अवकाश (छुट्टी) का प्रावधान किए जाने की मांग भी रखी, ताकि सभी अतिथि शिक्षकों को समान एवं सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां प्राप्त हो सकें।
विधानसभा सत्र चलने के कारण मंत्री अत्यंत व्यस्त थे, इसलिए विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी। इसके बावजूद प्रतिनिधिमंडल ने अपना ज्ञापन सौंपकर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का अनुरोध किया। इसी क्रम में वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर क्षेत्रीय अपर संचालक, रायपुर संभाग तथा आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग रायपुर को भी ज्ञापन सौंपा गया और अतिथि क्रीड़ाधिकारी एवं अतिथि ग्रंथपालों के साथ न्यायसंगत निर्णय लेने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग “समान योग्यता – समान वेतन” है। सरकार से अपेक्षा है कि नियमित व्यवस्था की तरह अतिथि व्यवस्था में भी वेतन संबंधी असमानता को समाप्त कर सभी पात्र पदों के लिए समान एवं न्यायपूर्ण मानदेय सुनिश्चित किया जाए।




