*खारुन नदी के जलकुंभी पर फंसने से 25 मवेशियों की हुई मौत, मुआवजा के लिए किया चक्काजाम*

बेमेतरा/बेरला:- जिले के सीमावर्तीय क्षेत्र उप तहसील भिंभौरी व थाना कंडरका के अंतर्गत खारुन नदी के जलकुम्भी में 25 मवेशी भैंस फंसने से मौत हो गई, जिसको लेकर पशु मालिक सहित ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हल्लाबोल चक्काजाम किया गया। जिसके कारण आवागमन बाधित हो गए थे। बता दें कि थाना कंडरका क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खारुन नदी वही दूसरी तरफ ग्राम पठारीडीह जो राजधानी व जिला रायपुर सीमा आता है। बीते दो दिनों तक लगातार झमाझम बारीश से नदी-नाला के एनीकट उफान मारने लगे है। जिसके चलते दूर-दराज से आये जलकुम्भी एकत्र होने पर समतलीकरण के स्वरूप दिखाई दे रहे है।

*इन ग्रामीणों के रहे मवेशी*
वही ग्राम कंडरका के तीजन बाई यदू 4, मिथुन यदू 4, विष्णु यदू 4, टीकम यदू 4, परदेशी यदू 3, रूपराम यदू 3, लोकेश यदू 3 लोगों की मवेशी भैंस की जलकुम्भी में फंसने से मौत हो गई। इसी के चलते ग्रामीणों खारुन नदी के ब्रीज में बैठकर हल्लाबोल चक्काजाम किया गया।

*मौके पर पुलिस व तहसीलदार हुए मौजूद, मुआवजा के लिए दिया आश्वासन*
पीड़ित ग्रामीणों ने थाना कंडरका, उप तहसील भिंभौरी, एसडीएम बेरला, विधायक बेमेतरा, पटवारी को सूचना दिया गया। जिसके बाद दोपहर से ही हल्लाबोल व चक्काजाम की स्थिति बन गई। खारुन नदी के दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी लाईन लगी रही। पीड़ित पशु मालिकों ने विधायक के नाम पर नारेबाजी किया गया। इस दौरान तहसीलदार के आर वासनिक व थाना कंडरका प्रभारी डीएल सोना पुलिस बल टीम सहित मौके पर मौजूद हुए। उक्त मामले पर उप तहसीलदार भिंभौरी के आर वासनिक ने शांति पूर्वक समझाईस देते हुए शासन के नियमानुसार प्रत्येक मवेशी भैंस की मुआवजा राशि देने का आश्वासन दिया गया।
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इस मामले में थाना कंडरका प्रभारी डीएल सोना ने बताया कि खारुन नदी में ग्रामीणों की 25 भैंस जलकुम्भी में फंसने से मर गए, जिसको लेकर चक्काजाम किया गया था। इसी के चलते मौके पर पुलिस बल टीम के साथ मौके पर पहुंचे हुए थे, साथ ही तहसीलदार भी मौजूद रहे। जहां पर जलकुम्भी पर दो भैंस दिखाई दे रहे है। वही एसडीएम से बात कर नियम अनुसार मुआवजा देने की बात कहीं गई। जिससे ग्रामीणों ने चक्काजाम सम्पन्न किया गया। उसके बाद लोगों की आवागमन सुचारू रूप से चालू हुए।




