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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कहा- समयमान वेतनमान का लाभ देने में सरकार मनमानी कर रही, 50 हजार की कॉस्ट लगाई

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक मामले में कहा कि समयमान वेतनमान का लाभ देने में सरकार मनमानी कर रही है। सरकार के इस रवैये पर असंतोष जताते हुए हाईकोर्ट ने 50 हजार रुपए की कॉस्ट लगाई। साथ ही याचिकाकर्ता को उच्चतम वेतनमान का लाभ और एरियर्स का 2 महीने के भीतर भुगतान करने निर्देश भी दिए। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने इसके लिए 2 महीने की मोहलत दी है।

भोपाल के महेश चंद्र तिवारी ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में अपना पक्ष स्वयं रखा। याचिकाकर्ता मूल रूप से 1987 में वित्त विभाग में असिस्टेंट ट्रेजरी ऑफिसर के पद पर नियुक्त हुए थे। राज्य शासन ने एक पॉलिसी बनाई जिसके तहत अधिकारियों को विधि अधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्ति दी जाए। इसके लिए शर्त थी कि अधिकारी विधि स्नातक होना चाहिए। याचिकाकर्ता को कमर्शियल टैक्स विभाग में लॉ ऑफिसर के रूप में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया। बाद में उन्हें विभाग में ही एब्सॉर्ब कर लिया गया।

निरस्त किया था वेतनमान का आवेदन

याचिकाकर्ता 2021 में सेवानिवृत्त हुआ। याचिकाकर्ता ने उच्चतम समयमान वेतनमान के लिए आवेदन दिया, जिसे विभाग ने निरस्त कर दिया। दलील दी गई कि स्क्रूटनी कमेटी की अनुशंसा के आधार पर याचिकाकर्ता को 30 साल की सेवा उपरांत 3 समयमान वेतनमान का लाभ दिया जा चुका है।

4 IAS अधिकारियों की कमेटी ने दिया था सुझाव

4 IAS अधिकारियों की कमेटी ने सुझाव दिया था कि सेवा नियमों के अनुसार याचिकाकर्ता को सभी उच्चतम समयमान वेतनमान का लाभ दिया जा चुका है। कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि 4 वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी के सदस्य वेतन संशोधन और सुनिश्चित कैरियर प्रगति (ACP) के बीच अंतर को लेकर असमंजस में थे।भोपाल में लगातार तीसरे साल बंसल ग्रुप पंख मैराथन का आयोजन कर रहा है। भोपाल में दूसरी बार 42 किलोमीटर की मैराथन होगी। रविवार 16 फरवरी को पंख मैराथन में बॉलीवुड एक्टर विद्युत जामवाल शामिल होंगे। मैराथन में करीब 15 हजार से ज्यादा लोग दौड़ेंगे। ये सेंट्रल इंडिया की सबसे बड़ी मैराथन होगी। 

Abhitab Namdeo

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