विविध

*इतिहास का साक्षी धराशायी: छुरा का सैकड़ों वर्ष पुराना वट वृक्ष गिरा, हजारों लोगों की आंखें हुईं नम*

छुरा:- छुरा नगर के मध्य स्थित सैकड़ों वर्ष पुराना विशाल वट वृक्ष लगातार बारिश के कारण गुरुवार को जड़ सहित धराशायी हो गया। नगर के इतिहास, संस्कृति और आस्था का प्रतीक माने जाने वाले इस बरगद के गिरने की खबर फैलते ही हजारों लोगों का हुजूम मौके पर उमड़ पड़ा। हर आंख नम थी। स्थानीय लोगों ने इसे सिर्फ एक पेड़ का गिरना नहीं, बल्कि पीढ़ियों की यादों और आस्था के केंद्र का टूटना बताया।

*गुलाम भारत से लोकतंत्र तक का मूक साक्षी*

यह वट वृक्ष गुलाम भारत, रियासतकाल, राजतंत्र और स्वतंत्र भारत के लोकतंत्र तक का मूक साक्षी रहा। सनातन धर्म में वट सावित्री व्रत के अवसर पर वर्षों से विवाहित महिलाएं इसी वृक्ष की पूजा-अर्चना कर पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती थीं।

 

वृक्ष के नीचे ग्राम देवता ठाकुर दिया विराजमान हैं, जिसके कारण यह स्थान श्रद्धा का प्रमुख केंद्र भी था। हजारों पक्षियों, चमगादड़ों, गिलहरियों और अन्य जीव-जंतुओं का यह आश्रय था। तपती गर्मी में राहगीरों को इसकी घनी छांव राहत देती थी। वर्षों से लोग इसी वट वृक्ष के नाम से अपने घरों का पता भी बताते थे।

 

*बिजली आपूर्ति बाधित, बाजार बंद होने से टला बड़ा हादसा*

गिरने के दौरान वृक्ष बिजली के तारों पर जा गिरा, जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। लेकिन राहत की बात यह रही कि गुरुवार को साप्ताहिक बाजार बंद था और अधिकांश दुकानें बंद थीं। इस कारण कोई जनहानि नहीं हुई।सूचना मिलते ही प्रशासन और विद्युत विभाग की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं मरम्मत कार्य शुरू किया।

*नगर में शोक की लहर*

वट वृक्ष के गिरने से नगरवासियों में गहरा दुख है। बुजुर्गों का कहना है कि बारिश के कारण इसकी जड़ें कमजोर हो गई थीं, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। प्रशासन ने क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों को दुरुस्त करने और यातायात बहाल करने का काम शुरू कर दिया है।

GAUTAM BEMTRA

Related Articles

Back to top button