*■विविध कार्यक्रम एवं खेलों के माध्यम से मनाया गया बेमेतरा सहित ग्रामीण अंचल में हरेली का पारम्परिक त्यौहार■*

*बेमेतरा:-* प्रदेश की पारम्परिक पर्व हरेली जिला बेमेतरा सहित पूरे प्रदेश में बडी धूमधाम के साथ मनाया गया। जिसमे इस दौरान सुबह से ही नगर-अंचल के अन्नदाता किसान अपने घरों में खेती-किसानी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले औजारों की पूजा करते दिखाई दिये। जबकि कई इलाकों इसके साथ कृषि उपयोगी पशुधन के रूप में पशुओं की पूजा की गयी।ततपश्चात सभी के घरों में नीम की हरी पत्तियों को चौखट पर लगाकर पहले पारम्परिक पर्व का आगाज किया गया। माना जाता हैं, कि हरसाल सावन महीने में मनाया जाने वाला हरेली पर्व के पावन अवसर पर पर्वप्रेमियों द्वारा नगर-अंचल के सभी घरों के प्रवेश द्वार पर नीम की पत्तियां और चौखट में कील लगाने से घर में रहने वाले लोगों की नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती हैं। वहीं कई ग्रामीण कुलदेवताओं का भी पूजन कर छत्तीसगढ़ के पर्व की बेला को खास बनाया गया। वही इसके साथ ही सभी के घरों में विशेष पारम्परिक पकवान बनाए गए। इसके अलावा इस पर्व में प्रतिवर्ष की भांति बेमेतरा सहित आसपास के पूरे गांवो में गेड़ी का भी एक अलग महत्व दिखाई पड़ा।जिसमे क्षेत्र के बच्चों के साथ युवा भी गेड़ी का मजा लेते हैं। फलस्वरूप हरेली पर बेमेतरा में पूरे दिनभर उत्साह का माहौल बना रहा। वही इस दौरान कई नगर सहित समूचे तहसील क्षेत्रभर के कई इलाकों में पर्व के अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं पारम्परिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।जिसमें छत्तीसगढ़ी परम्परा की झलक दिखाई पड़ी।




