*तिलई में मुरुम के अवैध खनन और लाखों के गबन का आरोप, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप*

बेरला:- जनपद पंचायत बेरला के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत तिलई में भ्रष्टाचार का एक नया मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ग्राम पंचायत के सरपंच पर विकास कार्यों के नाम पर मुरुम का अवैध खनन कराने और उसे बाहर बेचकर लाखों रुपये का गबन करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
*सड़क निर्माण के नाम पर खनन, गांव में नहीं डाला एक भी ट्रक मुरुम*
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत के पंचों और ग्रामीणों की सहमति से गांव में सड़क निर्माण कार्य के लिए मुरुम खनन करने का निर्णय लिया गया था। आरोप है कि सड़क निर्माण के नाम पर सरपंच द्वारा भारी भ्रष्टाचार किया गया और मुरुम का उत्खनन कर उसे बाहर बिकवा दिया गया, जबकि गांव की सड़कों के लिए एक भी ट्रक मुरुम का इस्तेमाल नहीं किया गया।
*खनन के कारण तालाब नुमा जानलेवा गड्ढा निर्मित*
मुरुम के बेधड़क और अनियंत्रित खनन के कारण संबंधित स्थल तालाब की भांति एक गहरे और जानलेवा गड्ढे में तब्दील हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि यह गड्ढा कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है और ग्रामीणों की जान के लिए खतरा बना हुआ है। इस लापरवाही से आक्रोशित होकर ग्रामीणों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद करते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
*जनसेवक रवींद्र भास्कर चौबे ने अधिकारियों की मिलीभगत पर उठाए सवाल*
इस पूरे मामले पर जनसेवक रवींद्र भास्कर चौबे ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि संबंधित अधिकारियों की कथित मिलीभगत के कारण ही कार्रवाई केवल खानापूर्ति तक सीमित रह जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक उच्च अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम न उठाया जाना विभागीय कार्यप्रणाली पर संदेह पैदा करता है, जिससे आम जनता में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
*निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग*
सोशल मीडिया में वीडियो वायरल होने के बाद अब ग्रामीण एकजुट होकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मुरुम गबन के इस मामले में संलिप्त दोषियों पर जल्द से जल्द सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए ताकि शासकीय राशि के दुरुपयोग और अवैध उत्खनन पर रोक लग सके।




