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*बेरला-भिंभौरी मार्ग पर भू-माफियाओं का कब्जा, सड़क किनारे अवैध प्लॉटिंग का खेल, मूक दर्शक बना प्रशासन*

 

बेमेतरा:- बेमेतरा लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत बेरला से भिंभौरी मार्ग पर इन दिनों नियमों को ताक पर रखकर अवैध कब्जे और अवैध प्लॉटिंग का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। रसूखदारों और भू-माफियाओं द्वारा मुख्य सड़क के किनारे की जमीनों पर किए जा रहे इस अतिक्रमण के कारण आवागमन बाधित हो रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग और स्थानीय प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है, जिससे क्षेत्र के नागरिकों में भारी आक्रोश है।

*मुख्य मार्ग हुआ संकरा, हादसों को आमंत्रण*

जिला बेमेतरा से ब्लॉक बेरला मार्ग से रायपुर को जोड़ने वाली सड़क मार्ग मुख्य सड़क क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाती है। रोजाना यहां से हजारों छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती है। सड़क के दोनों किनारों पर अवैध रूप से पक्के और कच्चे निर्माण कर लिए गए हैं, जिससे सड़क बेहद संकरी हो गई है। साथ ही कई कंपनियां लगने से मुरम मिट्टी डालकर सड़क को जोड़कर संकरा बना दिया है। साथ ही आवाजाही में राहगीरों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। संकीर्ण मार्ग के कारण आए दिन यहां ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है और दोपहिया व भारी वाहनों के बीच दुर्घटनाओं का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है।

*टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के नियमों की उड़ी धज्जियां*

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बेरला-भिंभौरी मार्ग के आस-पास स्थित कृषि भूमियों व शासकीय जमीन को बिना किसी वैध डायवर्शन (व्यपवर्तन) और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (T&CP) की अनुमति के बिना ही छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जा रहा है। भू-माफिया बिना रेरा (RERA) पंजीकरण और बिना किसी सरकारी ले-आउट पास कराए धड़ल्ले से प्लॉट बेच रहे है। इन अवैध कब्जों में न तो सड़कों के लिए पर्याप्त जगह छोड़ी जा रही है और न ही नालियों व बिजली के खंभों के लिए कोई प्रावधान किया गया है।
*सरकारी जमीन और पीडब्ल्यूडी की भूमि पर भी कब्जा*

हैरानी की बात यह है कि भू-माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) की स्वामित्व वाली सड़क किनारे की सुरक्षित भूमि (रोड मार्जिन) पर भी कब्जा कर लिया है। सड़क की चौड़ाई बढ़ाने के लिए सुरक्षित रखी गई जमीनों पर अवैध चहारदीवारी (बाउंड्री वॉल) और दुकानें खड़ी की जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग इस सड़क मार्ग में चलते है लेकिन देख कर अनजान बनकर रहते है और शिकायत की जाए तो दफ्तरों के चक्कर काटते-काटते चप्पल घिस जाते है। लेकिन पीडब्ल्यूडी का अमला फील्ड पर कार्रवाई करने के बजाय दफ्तरों में बैठकर फाइलों को दबाकर रख जाते है।

*जनजीवन प्रभावित, आंदोलन की चेतावनी*
सड़क किनारे हो रहे इस अवैध कारोबार के कारण न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि भविष्य के विकास की संभावनाएं भी खत्म हो रही हैं। जल निकासी की व्यवस्था न होने से आने वाले मानसून में सड़क पर जलजमाव की गंभीर स्थिति पैदा होने की आशंका है।

GAUTAM BEMTRA

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