रहवासी इलाके में पहुंचा हाथी, फसलों को रौंदा, वन विभाग ने की सतर्क रहने की अपील
कबीरधाम: पंडरिया वन परिक्षेत्र (पश्चिम) के पाढ़ी और गांगापुर गांव के आसपास दो दिनों से जंगली हाथी के विचरण से दहशत का माहौल है. लगभग 10 वर्ष का यह नर हाथी अपने झुंड से भटककर वन क्षेत्र से निकलकर रहवासी इलाकों तक पहुंच गया है.
गन्ना फसल को नुकसान पहुंचा रहा हाथी
दरअसल इस क्षेत्र में गन्ना की फसल बड़ी मात्रा में लगी हुई है. यह हाथी का पसंदीदा भोजन है. यही वजह है कि हाथी लगातार खेतों के आसपास मंडरा रहा है और फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है.
ग्रामीण परेशान
खेतों में गन्ने की फसल रौंदे जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है. कुछ ग्रामीण हाथी को खेतों से भगाने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं बच्चों और युवाओं में इसे देखने की उत्सुकता भी बनी हुई है.
वन विभाग अलर्ट
वन विभाग ने लोगों को हाथी के नजदीक न जाने की सख्त हिदायत दी है, क्योंकि डरा या उत्तेजित हाथी किसी भी समय हमला कर सकता है.
झुंड से भटका हाथी
वन विभाग के मुताबिक 5 से 6 हाथियों का एक झुंड अचानकमार टाइगर रिजर्व क्षेत्र से बाहर निकला था, लेकिन एक हाथी रास्ता भटककर कवर्धा जिले की ओर आ गया. यह हाथी फिलहाल डरा हुआ बताया जा रहा है और पिछले दो से तीन दिनों से गांगापुर और पाढ़ी गांव के आसपास घूम रहा था लेकिन गुरुवार रात हाथी, तरेगांव वन परिक्षेत्र की ओर चला गया है.
हाथी की तलाश में जुटा वन विभाग
वन अमला हाथी की लोकेशन तलाश रहा है. फिलहाल हाथी के पैर के निशान तरेगांव की ओर दिखा रहे हैं, लेकिन हाथी कहां है, इसका फिलहाल पता नहीं चला है.
क्या कहते हैं वन मंडल अधिकारी
वन मंडल अधिकारी निखिल अग्रवाल ने बताया कि हाथी की लगातार निगरानी की जा रही है. वन विभाग की टीमें मौके पर तैनात हैं और गांव-गांव में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है. उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि हाथी से दूरी बनाए रखें, समूह में न जाएं और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके.



