
*पानी की बर्बादी के प्रति चिंतित नहीं है नगर पालिका प्रशासन*
बेमेतरा:- नगर पालिका परिषद बेमेतरा का जल बर्बादी का एक मामला सामने आ रहा है। आपको बता दें कि गुरुवार को सुबह से नगर पालिका परिषद बेमेतरा कार्यालय के सामने पानी से भरे टेंकर से हजारों लीटर पानी सड़क में बह रहे थे। जिनके खबर नगर पालिका प्रशासन को जानकारी तक नहीं है। लगातार टेंकर से पानी सड़क में फैल रहे जल की बर्बादी होना नगर पालिका परिषद के घोर लापरवाही सामने आ रहे है। इस पर प्रत्यक्षदर्शियों में कई सवाल खड़े हो रहे है। एक तरफ शासन प्रशासन द्वारा लाखों रुपये खर्च कर जल को लेकर जागरूकता अभियान पर बचट निकालते है। साथ ही जल ही जीवन पर नानम प्रकार के नारे व अभियान, लेखन-पट्टिका, शोभायात्रा निकालना, सांस्कृतिक लोक कला व नाट्य, श्लोगन सहित विभिन्न प्रकार के गतिविधियों से जागरूकता अभियान चलाया जाता है ताकि आम जनमानस सहित लोगों को प्रभावित कर जल ही जीवन का महत्व को समझे। लेकिन वही दूसरी तरफ जिस आला अधिकारी लोगों को समझा रहे वह खुद जल की बर्बादी किया जा रहा है। इससे सामाजिक तौर पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहे है। साथ ही आमजन भी हो रहे लापरवाह। अगर आप मॉर्निंग वाक करते हैं, तो शायद ही ऐसा कोई दिन जाता हो, जब आपको शहर भर में कहीं न कहीं पानी बर्बाद होता नहीं मिले। शहर भर में जीवन रूपी जल को बर्बाद होते देखकर लोग चर्चा तो करते हैं, लेकिन उस पानी को बर्बाद होने से रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं करते है। शायद यही वजह है कि सड़कों पर पानी के रूप में धड़ल्ले से जिंदगानी बह रही है। जहां नगर पालिका परिषद सुस्त है। वहीं आमजन भी कम लापरवाह नहीं है। ऐसा नहीं है कि पानी की बर्बादी को रोकने में लोगों को दिक्कत का सामना न करना पड़ता हो। बस, इच्छा शक्ति की कमी आड़े आ जाती है। जल संरक्षित करने को लेकर समाचार पत्रों से लेकर टीवी चैनलों तक तमाम मुहिम चलाई जा रही है। उसका असर सिर्फ इतना हुआ है कि बुद्धजीवी वर्ग अखबार पढ़ते वक्त, टीवी चैनल देखते वक्त और आपसी चर्चा के दौरान बात करता नजर आ जाते हैं, लेकिन पानी की बर्बादी को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाता नजर नहीं आता है। तमाम दिखावे व ढोंग का कार्य आमजनता को दिखाया जाता है। इसके बाद भी जल संरक्षित नहीं कर पा रहे है नगर प्रशासन। बेमेतरा नगर पालिका परिषद के आला अधिकारी अगर ध्यान देते तो सड़कों, गलियों पर खुलेआम पानी की बर्बादी नहीं होती। वहां पर जलभराव होने वाली पानी किसी नाले का नहीं है, बल्कि पेयजल के बर्बाद होने की वजह से जलभराव होता है। असुरक्षित पानी का बहाव लोगों को झकझोर रखा है जो चिंता का विषय बन गए है। गौरतलब है कि नगर पालिका परिषद बेमेतरा द्वारा जगह जगह जल ही जीवन को लेकर हजारों जगह जल संरक्षण को लेकर प्रचार प्रसार व लेखन कर लाखों खर्च किया गया। इसके बावजूद जागरूकता अभियान प्रशासन तक ही सीमट कर रह गया। अभियान बेअसर होते नजर आ रहे है।




