*नवागांव में वीर शिवाजी समिति के तत्वावधान में एक दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन*

बेरला:- ब्लॉक बेरला क्षेत्र में स्थानीय ग्रामीण व जनप्रतिनिधि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पर्व व तिहार को बनाये रखते सामाजिक व संस्कृति को बड़े धूमधाम से मनाते है। वही पोला-तीजा पर्व व तिहार के अवसर पर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्राम पंचायत भांठासोरही के आश्रित ग्राम नवागांव में वीर शिवाजी समिति के तत्वावधान में एक दिवसीय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। रविवार को हुए समापन समारोह के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सभापति प्रीतम सिंह चन्देल व अतिथि के रूप में सरपंच प्रतिनिधी यशवंत साहू, अध्यक्ष सरपंच संघ बेरला रघुवीर पिंटू सिन्हा व जनपद सदस्य प्रतिनिधि थे। प्रतियोगिता में कुल 20 टीमों ने हिस्सा लिया। फाइनल मुकाबला कोटा और डडजरा के बीच खेला गया। इसमें कोटा ने ऑलराउंडर प्रदर्शन कर जीत दर्ज की। प्रथम विजेता टीम कोटा को 5500 रुपये नगद व शील्ड, द्वितीय डडजरा को 3500 रुपये व शील्ड, तृतीय सहगॉव को 2500 रुपये व शील्ड, चतुर्थ टठिया को 1500 रुपये व शील्ड से पुरस्कृत अतिथियों के हाथों किया गया। वही जिला पंचायत सभापति प्रीतम सिंह चन्देल ने कहा कब्बडी खेल को इसी तरह जीवंत रखना जरूरी है। इस खेल में क्षेत्र का नाम रौशन की बात कही। इस खेल का मुख्य उद्देश्य हमारे जो युवा हैं, उनमें प्रतिभाएं हैं, उनको आगे लाना है। क्योंकि मैं भी कबड्डी खिलाड़ी रहा हूँ हम जीते आगे जाने का मौका मिला। अब मैं एक सेवक के रूप में मुझे मौका मिला है मैं चाहता हूँ युवा आगे और खेल पाएं, यही उद्देश्य है।कबड्डी खेल का प्रचलन धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी यह खेल काफी लोकप्रिय है। इस खेल को बढ़ावा देना और हमारे युवा प्रदेश देश के लिए खेले आज कबड्डी में भारत विश्व विजेता है। महिला व पुरुष दोनों में सभी खिलाड़ी छोटे-छोटे जगहों से पहुचते है भारत देश के लिए खेलते है। इस अवसर पर मोहनलाल सिन्हा, इंदल सिन्हा, ईश्वर सिन्हा, दिलीप सिन्हा, मनोज सिन्हा, बेनीराम साहू, घनश्याम साहू, गणेषु मार्कण्डेय, रामचरण बंजारे,भुवन यादव, प्रहलाद श्रीवास, हेमचंद सिन्हा, थानुराम सिन्हा, बहलराम सिन्हा, रामनाथ सिन्हा, खेमलाल साहू, तोरण सिन्हा, गोविंद सिन्हा, योगेश्वर सिन्हा, गौकरण सिन्हा, डोमार साहू, धनीराम सिन्हा, रमेश सिन्हा सहित वीर शिवाजी कबड्डी टीम व बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद थे।




