*16 अगस्त से पटवारी संघ की हड़ताल, किसानों को हो सकती है परपरेशान*

बेमेतरा:-10 दिन तक चली तहसीलदार संघ की हड़ताल खत्म होने के बाद अब राजस्व पटवारी संघ, छत्तीसगढ़ ने भी अपनी लंबित मांगों को लेकर 16 अगस्त से ऑनलाइन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। इस संबंध में संघ ने प्रांत स्तर पर सभी ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार करने के लिए प्रशासन को ज्ञापन सौंप दिया है।
पटवारी संघ की इस हड़ताल से सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को होने की आशंका है, क्योंकि यह समय गिरदावरी का है। गिरदावरी के दौरान पटवारी खेतों में जाकर फसलों की जानकारी दर्ज करते हैं, जिसे बाद में ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। इसी ऑनलाइन रिकॉर्ड के आधार पर किसानों को खाद और बीज जैसी सरकारी सहायता मिलती है।
पटवारियों के हड़ताल पर जाने से गिरदावरी का काम रुक जाएगा, जिससे किसानों के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
*क्या हैं पटवारी संघ की मांगें?*
राजस्व पटवारी संघ की प्रमुख मांगें पुरानी और लंबित हैं। संघ ने हाल ही में राजस्व मंत्री और सचिव को ज्ञापन सौंपकर पिछले वादों की याद दिलाई थी।
* संसाधन भत्ता: वर्ष 2024 में दिसंबर के महीने में पटवारी संघ ने संसाधन उपलब्ध कराने की मांग को लेकर ऑनलाइन हड़ताल की थी। उस समय शासन ने संसाधन भत्ता देने पर सहमति जताई थी और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बजट में इसकी घोषणा भी की थी, लेकिन अभी तक पटवारियों को यह भत्ता नहीं दिया गया है। इसी वादे को पूरा न किए जाने के कारण पटवारी संघ ने फिर से हड़ताल का फैसला लिया है।




