सैकड़ों लोगों के खाते अचानक हो गए एनक्टिव, बैंकों में लगी भीड़, जानिए ये बड़ी वजह

धमतरी जिले के अधिकांश शासकीय और निजी बैंकों में केवायसी अपडेट नहीं कराने के चलते सैकड़ों खाते अनएक्टिव हो गए हैं। ऐसे में खाते में पर्याप्त राशि होने के बाद भी संबंधित उपभोक्ताओं को राशि का आहरण समेत जमा कराने में परेशानी हो रही है। जानकारी के अभाव में उपभोक्ताओं को भटकना पड़ रहा है।
बढ़ रहे बैंकिंग फ्रॉड के मामले
जिले में शासकीय और निजी बैंकों को मिलाकर करीब 99 बैंक शाखाएं है। इनमें करीब 10 लाख से अधिक खाताधारक है। देखा गया है कि पिछले कुछ सालों में बैकिंग फ्राड के मामले में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि हुई है। ऐसे में लेन-देन को पारदर्शी बनाने तथा अपने उपभोक्ताओं को सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से आरबीआई के निर्देशानुसार बैंकों ने सभी खाताधारकों के लिए अपने खाता में केवायसी अपडेट कराना अनिवार्य किया गया है।
सर्विस चार्ज कटने के बाद भी नहीं मिल रही सुविधा
उपभोक्ता अनिमेष सोनी, धर्मेनद्र देवांगन ने बताय कि बैंकों की ओर से सर्विस प्रदान करने के लिए सर्विस चार्ज वसूला जाता है। मैसेज के नाम पर 25 रूपए से लेकर 50 रूपए तथा एटीएम सर्विस और मेटनेंस के लिए करीब 187 रूपए का चार्ज लिया जाता है, लेकिन अधिकांश उपभोक्ताओं के मोबाइल में मैसेज ही नहीं मिलता। ऐसे में सर्विस चार्ज को लेकर उनमें रोष पनपने लगा है।
एक्सपर्ट व्यू
उधर बैंक सेक्टर के जानकारों का कहना है कि आरबीआई के नियमानुसार सभी बैंक खाताधारकों को समय-समय पर केवायसी याने की आधार नंबर, पैन कार्ड नंबर, मोबाइल नंबर समेत अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराकर केवायसी अपडेट कराना अनिवार्य है। समय सीमा के भीतर केवायसी अपडेट नहीं होने से खाता स्वमेव ही एनक्टिव हो जाता है। लंबे समय तक एनक्टिव होने से खाता बंद भी हो सकता है।




