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*गौठान में कई दिनों से व्यर्थ बह रहा पानी जिम्मेदार बेखबर, जल जीवन संरक्षण जागरूकता कागजों पर सीमित*

 

बेरला:- जनपद पंचायत बेरला के ग्राम पंचायत भेड़नी के गौठान में मोटर पम्प से लगातार कई दिनों से पानी व्यर्थ बह रहे है। एक तरफ शासन प्रशासन द्वारा जल संरक्षण योजना का मुहैया किया जा रहा है। वही ग्राम पंचायत भेड़नी की जनप्रतिनिधियों की लापरवाही सामने आ रहे है। आलम यह है कि गौठान में मोटर पम्प चालू स्थिति पर कई दिनों होने पर पानी की बहाव व्यर्थ रूप से किया जा रहा है। वही दूसरी तरफ अंचल में जल संकट का समस्या से कई ग्रामीण आज भी जूझ रहे है। पानी की बून्द-बून्द के लिए तरस रहे है तो किसी के घर मे पानी तक पहुंच नहीं रहे है और इधर ग्राम पंचायत भेड़नी के जनप्रतिनिधियों के द्वारा बेलगाम पानी को व्यर्थ बहाने का काम किया जा रहा है। गौठान में चल रहे मोटर पम्प से लगातार हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रह है। जिस गौठान में पशुओं को पानी पीने के लिए मोटरपम्प लगाया गया है। गौठान में पानी टँकी शेड निर्माण किया गया है। जो लाखों रुपये के शेड पानी टँकी भी व्यर्थ साबित हो रहे है। लिहाजा बेमेतरा में 27 नवम्बर 2024 को कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), बेमेतरा में क्रेडा विभाग के सहयोग से ऊर्जा एवं जल संरक्षण पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। वही 14 अक्टूबर 2024 को केंद्रीय नोडल अधिकारी पंकज कुमार आईआरएस ने कलेक्ट्रेट के दिशा सभाकक्ष में “जल शक्ति अभियान रू कैच द रेन-2024” के तहत जिला अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में वैज्ञानिक एवं तकनीकी अधिकारी केंद्रीय भूमि जल बोर्ड रायपुर डॉ रजनी कांत शर्मा साथ थे। संबंधित विभिन्न विभागों लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, वन, कृषि, जनपद, महिला एवं बाल विकास, जल संसाधन, सहित नगरीय निकाय के जिला अधिकारी उपस्थित थे। पंकज कुमार ने बैठक में जिले में जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए की गई योजनाओं की जानकारी ली और भविष्य की कार्य योजनाओं पर चर्चा की। लेकिन ग्राम पंचायत भेड़नी की मंशा अलग सामने आ रहे है। दुर्भाग्यवश वर्तमान समय में जल संकट एक गंभीर समस्या बन चुकी है। बढ़ती जनसंख्या, औद्योगिकीकरण, और जलवायु परिवर्तन के कारण जल संसाधनों पर दबाव बढ़ गया है। कई स्थानों पर जल की कमी एक गंभीर चुनौती बन गई है, जिसके परिणामस्वरूप सूखे और अकाल की स्थिति उत्पन्न हो रही है। ऐसे में, जल संरक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है।

GAUTAM BEMTRA

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