*■डंगनिया में जहरखुरानी से उपचार के दौरान अधेड़ की मौत पर परिजनों ने आरोप को लिया वापस, धमधा के निजी अस्पताल का मामला■*

*देवकर:-* नगर पंचायत देवकर निकटस्थ ग्राम डंगनिया-ख में स्थानीय एक व्यक्ति की जहर खाने अस्पताल में पर उपचार के दौरान मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है। जहां पर मृतक छोटू सेन की मृत्यु पश्चात परिजनों ने समीपवर्ती धमधा के श्रेया हॉस्पिटल पर कई गम्भीर आरोप लगाए थे। जिसमे अब परिजनों ने आरोप को नकारते हुए मौत को स्वभाविक बताकर सफाई पेश की है।
दरअसल जानकारी के मुताबिक देवकर चौकी क्षेत्र के डंगनिया निवासी मृतक छोटू सेन जहर का सेवन कर धमधा के निजी अस्पताल (श्रेया हॉस्पिटल) में भर्ती हुआ था, वही दो दिनों के उपचार दरमियान ईलाज़ से संतुष्ट न होकर परिजनों ने मृतक को भिलाई स्थित निजी नर्सिंग होम में एडमिट कराया। जिसके बाद मृतक ने वहां 14 घण्टे बाद दम तोड़ दिया था, जिस पर परिजनों ने धमधा के निजी अस्पताल पर पैसों व ईलाज़ से सम्बंधित बयान दिए थे, जो सोशल मीडिया में काफी सुर्खियों में था। जिस पर अब परिजनों ने बताया कि धमधा के निजी अस्पताल प्रबन्धन की ओर से दो दिनों तक ईलाज़ करने के बाद न तो ईलाज़ के पूर्व पैसो को लेकर मांग किया गया और न ही बाद में डिमांड किया गया। ततपश्चात दो दिन ईलाज़ के वहां से रिफर करना बताया गया। जिसके बाद मृतक ने भिलाई स्थित निजी अस्पताल में आखिरी सांस ली थी।जिस पर परिजनों की आरोप से अस्पताल की छवि खराब हो रही थी। परिजनों में से एक ने बताया है कि इस मामले में अस्पताल के प्रति परिजनों को कुछ लोगों ने खूब भड़काया जिसके पश्चात परिजनों ने अस्पताल के खिलाफ बयानबाजी की थी। जिसमे बयानबाजी के आधार पर मृतक के परिजनों को चार लाख रुपया अस्पताल की ओर से दिलाने की बात कही थी।
वही इस सम्बंध में आरोप लगाने वाली महिला(मृतक की बहन) लता सेन ने बताया कि भाई के निधन की खबर से स्तब्ध होकर मैंने अस्पताल प्रबंधन के बारे में टिप्पणी की थी, जिसे गलत ढंग से पेश किया गया है, मैं इस सम्बंध में धमधा के निजी अस्पताल की आभारी हूँ जिन्होंने दो दिनों तक बगैर पैसा लिए ईलाज़ किया और वही मेरे पूछे जाने पर अस्पताल द्वारा उपचार में लगभग 80 हज़ार रुपये की खर्च आने की बात कही गयी। जिसे गलत ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है जो कि उचित नही है मैं चाहती हूं कि इस मामले में धमधा के निजी अस्पताल पर कोई मामला नही बनता है।
वही इस सम्बंध में धमधा के निजी अस्पताल के मनीष सिंह राजपूत ने बताया कि मेरे अस्पताल में डंगनिया(देवकर) निवासी मरीज जहर सेवन पश्चात ईलाज़ के लिए पिछले दिनों आये हुए थे फिर परिजनों ने यहां से मृतक को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया था, जहां अगले दिन उसकी मौत की खबर सामने आई है, चूंकि हमारे यहां के अस्पताल में मौत नही हुई है इसलिए इस सम्बंध में परिजन ही उचित जानकारी दे पाएंगे।




