*बेरला आईटीआई में सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026′ पर जागरूकता कार्यक्रम संपन्न, युवाओं को मिली नवाचार, औद्योगिक नीति और स्वरोजगार की विस्तृत जानकारी*

बेमेतरा/बेरला:- शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था आईटीआई बेरला जिला बेमेतरा में सोच नई, समाधान सही के ध्येय वाक्य के साथ सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026 के अंतर्गत एक दिवसीय विशेष जागरूकता एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के युवाओं, छात्रों और नवाचारियों को प्रोत्साहित कर जमीनी समस्याओं के प्रभावी समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को नवाचार, औद्योगिक नीतियों और स्वरोजगार के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित सहायक संचालक शैलेंद्र सिंह ने ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026’ की रूपरेखा और पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जानकारी दी कि इस चैलेंज में कुल पाँच करोड़ रुपये का पुरस्कार पूल रखा गया है, जिसके तहत चयनित पचास विजेताओं को दस-दस लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। उन्होंने सभी इच्छुक प्रतिभागियों को सत्रह अक्टूबर 2026 की अंतिम तिथि से पूर्व आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन करने के लिए प्रेरित किया।
तत्पश्चात सहायक संचालक तुषार त्रिपाठी ने छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक नीति 2024-30 के प्रमुख प्रावधानों, स्टार्टअप्स को दी जाने वाली सुविधाओं, अनुदान और नवाचार को बढ़ावा देने वाले नीतिगत सहयोग पर प्रकाश डाला। वहीं, सहायक प्रबंधक पारसमणि वर्मा ने शासन की प्रमुख स्वरोजगार योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना की जानकारी देते हुए बताया कि युवा किस तरह इन योजनाओं से सब्सिडी और वित्तीय सहायता प्राप्त कर अपने नवाचारी विचारों को एक सफल व्यवसाय का रूप दे सकते हैं।
इस इनोवेशन चैलेंज के अंतर्गत कृषि, कानून एवं व्यवस्था, महिला एवं बाल विकास, नगरीय विकास, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, रक्षा, सतत विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर एवं मोबिलिटी, उभरती तकनीक तथा शिक्षा एवं रोजगार जैसे दस महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इसमें छात्र, शोधार्थी, स्टार्टअप्स, एमएसएमईएस और जमीनी स्तर के इनोवेटर्स अकेले या टीम बनाकर हिस्सा ले सकते हैं, जिसके लिए किसी कंपनी का पूर्व पंजीकरण अनिवार्य नहीं है। चयनित समाधानों को सीधे सरकारी विभागों में लागू करने का सुनहरा अवसर मिलेगा और साथ ही उद्योग जगत के दिग्गजों से सीधा मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रतिभागियों के प्रश्नों और शंकाओं का समाधान किया गया तथा अधिकारियों ने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में अपने नवाचारी प्रस्ताव प्रस्तुत करने का आह्वान किया।




