*●स्कूलों के बिल्डिंग निर्माण का जिम्मा उठाने वाली आरईएस विभाग का भवन ही उधार में, खतरों से भरे जर्जर बिल्डिंग में ऑफिस संचालन से विभाग की जमकर फजीहत●*


*■बेमेतरा/नवागढ़:-* ग्रामीण यांत्रिक सेवा संभाग बेमेतरा सम्बद्ध नवागढ़ का आरईएस विभागीय ऑफिस जर्जर हालत में उधार के भवन से संचालित हो रहा है। वैसे तो इस आरईएस विभाग द्वारा पूरे क्षेत्र में निर्माण सम्बन्धित कार्य किया जाता है वही उन्ही के सब डिवीजन कार्यालय का कामचलाऊ एवं खस्ताहाल अवस्था में ही निरन्तर भवन का उपयोग होने से विभाग की जमकर फजीहत करा रहा है। जबकि देखा जाए तो इस ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा विगत वर्ष अरबों रुपये के विकास कार्य किये गए है जो अभी वर्तमान में भी इसके कार्य अधूरे कार्य निर्माणाधीन अवस्था मे है जबकि इनके नवागढ़ डिवीजन के अधिकारी अपने लिए नए विभागीय कार्यालय की मांग पूरा नही करा पा रहे है जिसके कारण नवागढ़ के जनपद पंचायत कार्यालय समीप ही जर्जर एवं खस्ता हालत में ही ऑफिस के कर्मचारी-अधिकारी काम करने को मज़बूर है।बताया जा रहा है कि यह भवन काफी पुराना है जिससे इस बिल्डिंग में काफी जगहों पर दरारे नज़र आ रही है वही छज्जे से बरसात में सीपेज आना भी आम बात है जो बाद में पूरा दीवाल को भी चपेट में ले लेता है, किंतु समस्या के निपटान के लिए विभाग के जिम्मेदार अफसरों हरसाल कामचलाऊ मरम्मत कराकर अपनी औपचारिकता निभा रहे है जिससे इस जर्जर पुराने बिल्डिंग पर कभी भी हादसा होने की आशंका बनी हुई है, जिसको लेकर चिंतित ऑफिस के कर्मचारियों काफी भयभीत रहते है। जिसपर ज़िलास प्रशासन को तत्काल संज्ञान में लेने की जरूरत है। नवागढ़ क्षेत्र के आमलोगों का कहना है कि जिस विभाग द्वारा ज़िलेभर में स्कुलो की मरम्मत, जीर्णोद्धार एवं अतिरिक भवन निर्माण का कार्य कराया जाता है वही उसी के आधिकारिक भवन का हाल बेहाल है, लिहाजा इसे दिया तले अंधेरा की संज्ञा देकर क्षेत्र में चर्चे का विषय बना हुआ है जिसे लोग इसे प्रशासनिक सिस्टम की बड़ी खामी बताकर सवाल भी उठा रहे है। इस विषय पर बेमेतरा एवं नवागढ़ ग्रामीण यांत्रिकी सेवा उपसंभाग के प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी प्रेरणा सोनी से सम्पर्क किया गया किन्तु उनके द्वारा कोई जवाब नही दिया गया। वही इस मामले में पूर्व नवागढ़ के आरईएस एसडीओ गणेश मण्डारे से बात करने पर बताया कि आरईएस का ऑफिस बिल्डिंग फिलहाल जनपद के ही काफी पुराने अधिकृत अतिरिक्त भवन में चल रही थी, जो काफी जर्जर है वही यहां कार्यालय में सीमित सुविधाओं के बीच कार्य करना पड़ता है।




