RTI से मांगी गई जानकारी नहीं दी तो DD पर लगा 25,000 पच्चीस हजार का जुर्माना….कार्रवाई की अनुशंसा अलग से….विभाग में मची खलबली

RTI से मांगी गई जानकारी नहीं दी तो DD पर लगा 25,000 पच्चीस हजार का जुर्माना….कार्रवाई की अनुशंसा अलग से….विभाग में मची खलबली….
सबका संदेश (भूपेंद्र साहू )बिलासपुर छत्तीसगढ़ .अपीलार्थी सतेन्द्र वर्मा ने कार्यालय उप संचालक रोजगार जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्ग दर्शन केन्द्र बिलासपुर जिला बिलासपुर में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6(1) के तहत आवेदन प्रस्तुत कर जनसूचना अधिकारी से कौशल विकास योजना के तहत खरीदे गए सामानों,अनुपयोगी होने पर उनकी की गई नीलामी से मिली राशि की जानकारी व विभाग में रखे अनुपयोगी प्रशिक्षण समानों की तिथिवार सूची की सत्यापित प्रति की मांग की थी ।
इस पर जन सूचना अधिकारी ने 30 अक्टूबर 2019 को आवेदक को सूचना भेज कर बताया कि चाही गई जानकारी वृहद और किस उपकरण से संबंधित है का स्पष्ट उल्लेख नहीं होने के कारण जानकारी दिया जाना संभव नही है। जन सूचना अधिकारी के जवाब से से असंतुष्ट होकर अपीलार्थी ने प्रथम अपील 26 नवम्बर 2019 को प्रस्तुत की. जिसमें प्रथम अपीलीय अधिकारी ने 10 जनवरी 2020 को आदेश पारित किया ।
प्रथम अपीलीय अधिकारी के द्वारा प्रकरण में उभय पक्ष की सुनवाई कर जन सूचना अधिकारी को आदेशित किया कि अपीलार्थी ने कौशल विकास योजना के तहत खरीदे गए सामानों के अनुपयोगी होने के बाद कब और कितने रुपये में उनकी नीलामी की गई है व विभाग में रखे अनुपयोगी प्रशिक्षण सामानों की तिथिवार सूची की सतयापित छायाप्रति पत्र मांगी है.
इसे 15 दिन के भीतर निशुल्क उपलद्ध कराएं
प्रथम अपीलीय अधिकारी के आदेश का पालन नहीं होने पर अपीलार्थी ने 6 मार्च 2020 को छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील प्रस्तुत कर जन सूचना अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की । प्रकरण की सुनवाई में प्रथम अपीलीय अधिकारी ने बताया 10 जनवरी 2020 को अपील की सुनवाई कर जन सूचना अधिकारी को 15 दिन में निशुल्क जानकारी उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है ।मांगी गई जानिकारी स्टाक रजिस्टर 23 पृष्ठ के साथ कुल 73 पेज आवेदक से सबंधित है .
जिसे जन सूचना अधिकारी ने वृहद बताकर आवेदक को जानकारी से वंचित रखा.
प्रथम अपीलीय अधिकारी के आदेश की अवहेलना कर जन सूचना अधिकारी ने जानकारी आवेदक को नहीं दी । प्रथम अपीलीय अधिकारी के आदेश के बाद भी किसी प्रकार का पत्राचार नहीं किया गया। जानकारी वृहद बताकर आवेदक को जानकारी से वंचित रखा जाना अधिनियम -के प्रावधान के विपरीत है।
जनसूचना अधिकारी उप सचालक रोजगार जिला रोजगार एव स्वरोजगार माग दशन केन्द्र बिलासपुर जिला बिलासपुर के द्वारा प्रथम अपीलीय अधिकारी के स्पष्ट आदेश के बाद भी आवेदक को जानकारी से वंचित रखना सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 7(1) का उल्लंघन प्रमाणित होने पर 250 रु प्रतिदिन के हिसाव से 25000 रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है ।
प्रकरण की सुनवाई व्हीसी के माध्यम से हुई । इसमें अपीलार्थी सतेन्द्र वर्मा और जनसूचना अधिकारी उप संचालक रोजगार जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्ग दर्शन केन्द्र बिलासपुर जिला बिलासपुर की ओर से उनके अधिवक्ता कविश्वर कुमार उपस्थित रहे।
अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा
प्रथम अपीलीय अधिकारी के स्पष्ट आदेश के परिपालन में जन सूचना अधिकारी के द्वारा किसी भी प्रकार का पत्राचार नहीं किया गया और ना ही जानकारी प्रदान की गई है ।
प्रथम अपीलीय अधिकारी, वरिष्ठ अधिकारी के आदेश की अवहेलना करने पर सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20(2) के तहत सचिव छत्तीसगढ़ शासन जनशक्ति नियोजन विभाग मंत्रालय महानदी भवन अटलनगर नवा रायपुर को जनसूचना अधिकारी उपसंचालक रोजगार जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्ग दर्शन केन्द्र बिलासपुर जिला बिलासपूर के विरुद्ध आवश्यक जांच कर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की अनुशंसा भी की गई है ।
पंजीकृत डाक से भेजें जानकारी अपीलार्थी को जानकारी नहीं मिली है
सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 19(8) (क) (1) को तहत लोक प्राधिकारी उप संचालक रोजगार जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्ग दर्शन केन्द्र बिलासपुर जिला बिलासपुर को निर्देशित किया गया है कि उनके द्वारा प्रस्तृत जवाब में दर्शाये अनुसार 73 पुष्ठ की जानकारी निशुल्क आयोग का आदेश प्राप्त होने के 30 दिन के भीतर आवेदक को पंजीकृत डाक से प्रेषित करें ।



