अगली बार जब आप लंदन में विलंबलड टेनिस मैच टीवी पर देख रहे हों तो अक्सर स्क्रीन पर देखे जाने वाले एक बाज पर जरूर गौर करिएगा, जो चौकन्ना सा बैठा होगा और कोर्ट पर मैच के दौरान किसी पक्षी को पर भी नहीं मारने देगा. जी हां, इस हीरो बन चुके बाज का नाम रूफस है. ये दुनियाभर में हीरो तो है ही, इसे खास तरीके से जाना जाता है.
इसकी लोकप्रियता और शख्सियत का अंदाज आप इससे भी लगा सकते हैं कि इससे जुड़ा एक सवाल कौन बनेगा करोड़पति में पूछ लिया. दरअसल सवाल में एक चित्र दिखाया गया, जिसमें एक बाज बैठा हुआ है और उसके पीछे एक मैदान नजर आ रहा है. हॉट सीट पर बैठे शख्स से पूछा गया कि ये रूफस बाज लंदन के एक स्पोर्टिंग एरेना की इस तरह रखवाली करता है कि मैच के दौरान कबूतर खिलाड़ियों की एकाग्रता भंग नहीं कर पाएं. ये हमेशा विंबलडन की छत या किसी ऐसी जगह बैठकर आसमान में उड़ते परिंदों पर कड़ी निगाह रखता है.
दरअसल ये बाज रूफस आल इंग्लैंड लान टेनिस एंड क्रोकेट क्लब का ऐसा हीरो जो दुनियाभर में ख्याति पा चुका है. वो जब विंबलडन पर मैच चल रहा होता है तो कबूतरों को पास भी नहीं फटकने देता. उसे विबंलडन आयोजन समिति संबंधी परिवार का खास सदस्य का रूतबा हासिल है. कोई एक दो साल से नहीं बल्कि पिछले 15 सालों से वह विंबलडन मैचों के दौरान बर्ड्स पर निगरानी रखता है. इससे पहले ये काम हमीस नाम का बाज किया करता था
केवल यही नहीं रूफस आल इंग्लैंड क्लब के 42 एकड़ में फैले मैदान की भी पैनी निगाहों से निगरानी करता रहता है. विंबलडन के दो हफ्तों के दौरान तो वह खासा एक्टिव रहता ही है. वर्ष 2012 के ओलंपिक के दौरान भी उसने आसमान से फटकने वाले परिंदों पर खास निगाह रखा. दरअसल कबूतर विंबलडन के सेंटर कोर्ट की छत पर काफी मंडराते हैं और मैंच के दौरान बाधा भी डालते थे. तब बाज की सेवाएं ली गईं.
28 जून 2012 को किसी ने उसके मालिक की कार से चुरा लिया. ये घटना वैश्विक मुद्दा बन गई. खूब मीडिया कवरेज इसे मिला. इसने रूफस को दुनिया में और चर्चित कर दिया. आखिर तीन दिनों बाद ये विंबलडन परिसर में ही मिला. बस इसके पैर में एक छोटी सी चोट थी. अब रूफस आमतौर पर एक रेडियो ट्रांसमीटर पहने रहता है, जिससे इसे ट्रैक किया जा सके.
हालांकि इस रेडियो ट्रांसमीटर को वो दिन में ही पहनता है. रात में इसे हटा दिया जाता है. हालांकि कुछ लोग अक्सर उसको डराने की कोशिश करते हैं. रूफस का फेसबुक और ट्विटर पर अकाउंट है. उसका अपना विंबलडन आईकार्ड भी है. जिसपर उसका ओहदा “Bird Scarer” यानि चिड़ियों को डराने वाले के तौर पर है.
विबंलडन के दिनों में रूफस का रुटीन बहुत बिजी रहता है. वह सुबह नहाधोकर 05 बजे विंबलडन कोर्ट पहुंच जाता है. तब वो ये देखता है कि कबूतर पास आकर घास को नुकसान नहीं पहुंचाएं. मैच के दौरान भी वह तैनात रहता है. मैच खत्म होने के साथ उसकी ड्यूटी खत्म होती है. उसे मैच के दौरान कहीं भी उड़ने और बैठने की छूट होती है. (
इमोजन डेविन और अन्ना डेविस उसकी देखभाल करते हैं. ये दोनों एक एविएशन सेक्योरिटी कंपनी के साथ काम करते हैं. अगर विंबलडन के दिनों में रूफस बिजी रहता है तो ये दोनों भी उसके साथ लगे होते हैं.
जिस तरह विंबलडन में टेनिस स्टार, स्ट्राबेरी आदि एक प्रतीक बनकर फेमस रहती हैं उसी तरह अब रूफस का स्टेटस हो चुका है. मैंच के दौरान लोग उसके साथ फोटो खिंचवाना चाहते हैं लेकिन ये मौका सभी को नहीं मिल पाता. हालांकि विंबलडन के बॉल व्वाएज और टीम के साथ वो जरूर फोटोसेशन करता है
दरअसल रूफस एक अमेरिकी हैरिस हॉक है. फिलहाल वह अपने मालिकों और केयरटेकर्स के साथ नार्थम्पटनशायर में रहता है. मौका मिलता है तो वो मीडिया से भी रू-ब-रू होता है. आप अगर खुद तस्वीरें देखें तो लगेगा कि रूफस में अपना एक एटीट्यूड और गंभीरता भी है. (
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