*तालाब बंधान की मिट्टी बेच गए सरपंच! बिना पंचायत प्रस्ताव अवैध खनन का आरोप, जामगांव में भारी आक्रोश*

बेरला:- जनपद पंचायत बेरला के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत जामगांव में सरपंच की मनमानी और वित्तीय अनियमितता का एक और गंभीर मामला सामने आया है। यहां ग्राम पंचायत के सरपंच पर गौठान तालाब के सुरक्षात्मक मेड़ (बंधान) की मिट्टी को बिना किसी पंचायत प्रस्ताव के अवैध रूप से खनन कर बेचने का आरोप लगा है। इस कृत्य से तालाब के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

*लाखों की लागत से हुआ था गहरीकरण और पचरीकरण*
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2022 में शासन-प्रशासन की महत्वाकांक्षी जल संरक्षण योजना के तहत मनरेगा मद से लाखों रुपये खर्च कर ग्रामीण हितग्राहियों द्वारा गौठान तालाब का गहरीकरण एवं पचरीकरण कराया गया था। कार्यस्थल पर आज भी इसका आधिकारिक सूचना बोर्ड मौजूद है, जिस पर प्रमाणित कार्य योजना का पूरा ब्योरा दर्ज है।
तालाब के गहरीकरण और मजबूत मेड़ बंधान होने से बारिश का पानी लंबे समय तक संचित रहता था। इससे गांव का जलस्तर वॉटर लेबल बना रहता था और भीषण गर्मी में मवेशियों के लिए निंदिया जल स्रोत उपलब्ध रहता था।
*बिना प्रस्ताव मिट्टी बाहर बेचने का आरोप*
ग्रामीणों एवं पंचों ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरपंच मनहरण राम साहू ने नियम-कायदों को ताक पर रखकर बिना किसी ग्राम सभा या पंचायत प्रस्ताव के गौठान तालाब की मेड़ की मिट्टी का अवैध उत्खनन करा दिया। ग्रामीणों के अनुसार, महज 4-5 ट्रिप मिट्टी गांव में डाली गई, जबकि बाकी अधिकांश मिट्टी व्यावसायिक उपयोग के लिए बाहर बेच दी गई।
*बैठक में ग्रामीणों के सवाल पर सरपंच की बेबाकी*
13 अगस्त को स्थगित हुई बैठक के बाद 23 अगस्त को आयोजित पंचायत की बैठक में जब ग्रामीणों ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूछा कि बिना प्रस्ताव के मेड़ की मिट्टी का अवैध खनन क्यों किया गया और मिट्टी कहां गई?
ग्रामीणों का दावा है कि इस पर सरपंच ने कहा कुछ मिट्टी गांव में डाली गई है और कुछ मिट्टी बाहर बेची गई है, उसके पैसे दूं क्या?सरपंच के इस जवाब के बाद ग्रामीणों की नाराजगी और बढ़ गई, जिस पर सरपंच ने चुनौती देते हुए कहा कि जिसे जो कार्रवाई करनी है करे।
*जांच, रिकवरी और कड़ी कार्रवाई की मांग*
जामगांव पंचायत में इससे पूर्व भी मूलभूत मद एवं 15वें वित्त आयोग की राशियों के उपयोग को लेकर सवाल उठते रहे है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और पंचायत विभाग के उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी पाए जाने पर सरपंच से राशि की रिकवरी और दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
*पूर्व उपसरपंच व वर्तमान पंच ने दागे सवाल*
ग्राम पंचायत जामगांव के पूर्व उपसरपंच व वर्तमान पंच टंकेश्वर साहू ने बताया कि उन्होंने पंचायत की शासकीय मीटिंग में सरपंच मनहरण राम साहू से सीधे सवाल किए थे। उन्होंने पूछा कि गौठान तालाब की मेड़ का बिना पंचायत प्रस्ताव के खनन क्यों किया गया और 4-5 ट्रिप मिट्टी गांव में डालकर बाकी मिट्टी कहाँ गायब कर दी गई? इस पर सरपंच ने सार्वजनिक रूप से मिट्टी बेचने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि मिट्टी को बेच दिया हूँ, उसके पैसे आपको दूँ क्या?
*सरपंच का पक्ष*
इस संबंध में ग्राम पंचायत जामगांव के सरपंच मनहरण राम साहू से दूरभाषा के माध्यम से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया। इस पर उन्होंने कहा इस विषय पर मुझे कुछ नहीं कहना है, आपको जो छापना है छाप लें।




