*आरोग्य मंदिर व स्कूल के पास शराबियों का जमावड़ा: पतोरा में शाम ढलते ही सजती है महफिल, बेधड़क कचरा फैलाकर करते हैं गाली-गलौज*

बेरला:- जनपद पंचायत बेरला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत पतोरा में इन दिनों सार्वजनिक व संवेदनशील स्थानों पर शराबियों के बढ़ते हुड़दंग से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। गांव में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिर और स्कूल परिसर के ठीक समीप हर शाम शराब प्रेमियों का जमावड़ा लग रहा है। दिन ढलते ही असामाजिक तत्व यहाँ एकत्र होकर खुलेआम शराबखोरी करते हैं, जिससे क्षेत्र का माहौल दूषित हो रहा है और आसपास के रहवासियों का जीना दुश्वार हो गया है।
*परिसर में बिखरा कचरा, स्वच्छता अभियानों को ठेंगा*
आयुष्मान आरोग्य मंदिर और स्कूल परिसर के आसपास शराब की खाली बोतलें, प्लास्टिक डिस्पोजल और पानी के पाउच का अंबार लगा दिया जाता है। एक तरफ जहाँ आरोग्य मंदिर के डॉक्टर और ग्राम पंचायत द्वारा डस्टबिन का उपयोग करने व स्वच्छता बनाए रखने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शराबियों की इस घटिया हरकत से शासकीय अभियानों को सरेआम ठेंगा दिखाया जा रहा है। परिसर में फैला यह कचरा स्कूल के छोटे-छोटे मासूम बच्चों और अस्पताल आने वाले मरीजों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर रहा है।
*रोमियों की अभद्रता से खौफ में रहवासी व महिलाएं*
शराब के नशे में धुत होने के बाद ये रोमियो किस्म के असामाजिक तत्व राहगीरों और आसपास के रहवासियों पर नाना प्रकार की फब्तियां कसते हैं तथा गंदे-गंदे गाली-गलौज करते हैं। जब स्थानीय रहवासी इस असभ्य आचरण का विरोध करते हैं, तो शराबी उल्टा उनसे ही उलझ जाते हैं और विवाद करने पर आमादा हो जाते हैं। इस डर और खौफ के कारण शाम होते ही गांव की महिलाएं, युवतियां और मरीज इस मार्ग से गुजरने में कतराने लगे हैं।
*बेरला पुलिस की गश्त पर उठे गंभीर सवाल*
क्षेत्र में लगातार हो रही इस शराबखोरी से थाना बेरला पुलिस की कार्यप्रणाली और गश्त व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। यद्यपि पुलिस द्वारा समय-समय पर अवैध शराब कारोबारियों पर कार्रवाई का दावा किया जाता है, लेकिन गांव-गांव में सक्रिय अवैध शराब तस्करों और खुलेआम पीने वालों पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की लचर गश्त नीति के कारण ही असामाजिक तत्वों के हौसले इतने बुलंद है।
*प्रशासनिक निष्प्रियता से पनप रहा जनआक्रोश*
सार्वजनिक व संवेदनशील शैक्षणिक तथा चिकित्सीय संस्थानों के पास खुलेआम चल रहे इस अवैध कृत्य से शासन-प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आरोग्य मंदिर जैसी जगह जहाँ लोग इलाज कराने आते हैं और स्कूल जहाँ बच्चे संस्कार सीखने आते हैं, वहाँ का माहौल इस कदर बिगड़ना बेहद चिंताजनक है। यदि जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति और बिगड़ सकती है।
*ग्रामीणों ने की त्वरित कार्रवाई व शामकालीन गश्त की मांग*
पतोरा के पीड़ित ग्रामीणों व स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन तथा पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है कि आरोग्य मंदिर व स्कूल परिसर के आसपास शाम के समय पुलिस की पेट्रोलिंग (गश्त) बढ़ाई जाए। साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर शराब पीकर गंदगी फैलाने और गाली-गलौज करने वाले असामाजिक तत्वों को चिह्नित कर उन पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि ग्रामीणों को इस रोजाना की समस्या से निजात मिल सके।




