*तेलगा में साफ-सफाई के नाम पर महज़ खानापूर्ति, सड़कों पर बहे गंदे पानी और कीचड़ से परेशान ग्रामीण*

बेरला:- जनपद पंचायत बेरला के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत तेलगा में पिछले कई सालों से कीचड़ और गंदगी का आलम बना हुआ है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी निराशा और आक्रोश देखने को मिल रहा है। गांव की मुख्य गलियों से लेकर अंदरूनी रास्तों तक जलजमाव और गंदे पानी का बहाव बना हुआ है, जिसके कारण लोगों का राह चलना दूभर हो गया है।
तस्वीरों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि नालियों के सही रखरखाव और पक्की निकासी व्यवस्था न होने से गंदा पानी सीधे गलियों की कच्ची सड़कों पर बह रहा है। कई जगहों पर बदबूदार काला कीचड़ और जमा हुआ पानी जमा है, जिससे पूरी गली नाली में तब्दील नजर आ रही है। सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है, जिससे सड़कों के किनारे गाजरघास और गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
सड़क पर लगातार जमे गंदे पानी और कीचड़ की वजह से पूरे गांव में मच्छरों का भयंकर प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों को हमेशा मलेरिया, डेंगू और अन्य संक्रामक जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने का डर सता रहा है। बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को इन कीचड़ भरे रास्तों से होकर गुजरने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के जनप्रतिनिधि और पंचायत प्रशासन इस विकट समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी सफाई और स्थायी नाली निर्माण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण ग्रामीणों को नारकीय जीवन जीने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
गांव में स्वच्छता और नालियों की बदहाल स्थिति को देखते हुए अब पंचायत विकास, मूलभूत सुविधाओं और 15वें वित्त आयोग से मिलने वाली सरकारी राशि के उपयोग पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब हर साल लाखों रुपये की राशि विकास और स्वच्छता के नाम पर आती है, तो उसका सही इस्तेमाल धरातल पर क्यों नजर नहीं आ रहा है।
ग्रामीणों ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि वे लंबे समय से इस कीचड़ और बदबू के बीच रहने को मजबूर हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन और उच्च अधिकारियों से जल्द से जल्द गांव में पक्की नाली निर्माण, रास्तों की सफाई और नियमित कीटनाशक का छिड़काव करवाने की मांग की है, ताकि गांव को बीमारियों के खतरे से बचाया जा सके।
*साफ-सफाई के नाम पर अभियान हुआ फीका*
पंचायत में साफ-सफाई को लेकर अभियान चलाया गया है लेकिन गांव की गलियों को देखकर जमीनी स्तर पर देखने से नजर कुछ और मामला सामने आ रहे है। पंचायत शासन प्रशासन की योजना के अंतर्गत लाखों रुपये खर्च तो कर रहे है। इसके बावजूद वार्ड 10 और 11 में गंदे पानी की जमाव और कीचड़युक्त होने पर ग्रामीणों की समस्या बढ़ता जा रहा है।



