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*मोहभट्ठा सोसाइटी में किसानों ने धान खरीदी की लिमिट बढ़ाने की मांग को लेकर गेट में जड़ा ताला, सुबह से दोपहर तक खरीदी रही प्रभावित*

 

 

*प्राधिकृत अध्यक्ष समिति प्रबंधक एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि के समझाइस के बाद खुला ताला खरीदी हुई शुरू, किसानों ने कलेक्टर से की लिमिट बढ़ाने की मांग किसानों ने दी चेतावनी जल्द लिमिट नहीं बढ़ा तो फिर होगी तालाबंदी*

 

बेमेतरा/बेरला:- छत्तीसगढ़ शासन द्वारा चलाए जा रहे धान खरीदी के महाअभियान के बीच मंगलवार को बेमेतरा जिले के बेरला विकासखण्ड अंतर्गत सेवा सहकारी समितियों में किसानों द्वारा बफर लिमिट बढ़ाने व टोकन की समस्या को लेकर जबरदस्त हंगामा के साथ धान खरीदी केंद्र में सुबह से दोपहर तक ताला जड़ दिया था। इस दौरान आला अधिकारी नोडल अधिकारी तक मामले को लेकर गंभीर नजर नही आये और किसानों द्वारा हल्लाबोल के नारे से जोर शोर नारे बाजी कर अपनी मांग रखी। फिर भी संबंधित अधिकारी नहीं पहुंचे। लेकिन मामला को देखते हुए सेवा सहकारी समिति मर्यादित मोहभट्ठा के प्राधिकृत अध्यक्ष, सहायक समिति प्रबंधक एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि के समझाईस के बाद ताला खुला और धान खरीदी कार्य शुरू हुए। वही किसानों ने कहां कि बफर लिमिट जल्द नहीं बढ़ाई तो अनिश्चितकालीन तालाबंदी की चेतावनी दिया गया। इसके अलावा कहा गया कि धान खरीदी की ‘लिमिट’ कम होने से नाराज सैकड़ों किसानों के सब्र का बांध टूट गया, जिसके बाद उन्होंने समिति के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। किसानों के इस उग्र प्रदर्शन के कारण केंद्र में करीब सुबह से दोपहर तक खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावित रहा।

 

दरअसल मोहभट्ठा के सोसायटी में सुबह से ही किसान अपनी समस्या को लेकर समिति केंद्र पहुंचे हुए थे, लेकिन जैसे ही पोर्टल पर रकबे के अनुसार कम लिमिट होने की बात सामने आई, किसान भड़क गए। किसानों का आरोप है कि शासन द्वारा तय की गई वर्तमान लिमिट उनके वास्तविक उत्पादन से बहुत कम है, जिससे उनका धान खपाना मुश्किल हो गया है। इसी बात से आक्रोशित किसानों ने न केवल तौल रुकवाया, बल्कि केंद्र की तालाबंदी कर नारेबाजी शुरू कर दी। हैरानी की बात यह रही कि इतने बड़े बवाल के बावजूद काफी समय तक कोई भी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी व नोडल अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। जिसमें अधिकारियों की अनुपस्थिति ने आग में घी डालने का काम किया। स्थिति बिगड़ती देख अंततः समिति के प्राधिकृत अध्यक्ष, समिति प्रबंधक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मोर्चा संभाला। काफी मान- मनोबल और किसानों की मांगों को उच्च स्तर कलेक्टर तक पहुंचाने के आश्वासन के बाद किसानों ने ताला खोला। जिसमें कलेक्टर तक बात पहुंचाने की बात कहीं जल्द ही समस्या पर संज्ञान लिया जाए। उक्त मांग को गंभीर न लेने पर चेतावनी देते हुए दोबारा तालाबंदी की जाएगी।इन्ही के बातों को लेकर प्रदर्शनकारी किसानों ने जिला प्रशासन और बेमेतरा कलेक्टर के नाम अपनी मांगे रखी। जिसमें धान खरीदी की लिमिट को तत्काल वास्तविक उत्पादन और रकबे के अनुसार बढ़ाया जाए एवं जिन किसानों के पोर्टल डेटा में गड़बड़ी है, उनका तत्काल सत्यापन कर सुधार किया जाए। वही इस समस्या का ठोस समाधान नहीं निकला, तो वे फिर से तालाबंदी करेंगे। अगली बार यह आंदोलन केवल प्रतीकात्मक नहीं बल्कि अनिश्चितकालीन होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। हालाँकि भले ही मोहभट्ठा समिति में तौल दोबारा शुरू हो गई है, लेकिन किसानों के बीच व्याप्त असंतोष शांत नहीं हुआ है। जिले के अन्य खरीदी केंद्रों में भी इसी तरह की विसंगतियों की खबरें आ रही है। यदि समय रहते लिमिट की समस्या नहीं सुलझाई गई, तो यह आंदोलन जिले के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है।

GAUTAM BEMTRA

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