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*सुआ के माध्यम से गांव की बेटियां कर रहीं छत्तीसगढ़ी परम्परा का संरक्षण*

बेमेतरा/देवकर-अंचल में इन दिनों बांस की टुकनी में मिट्टी का सुआ बनाकर एक घर से दूसरे घर की ओर आते जाते हुए बच्चियों एवम माताओं की टोलियां बरबस ही मन को आकृष्ट कर लेती है। दीपावली आने से सप्ताह भर पूर्व किया जाने वाला यह लोकनृत्य छत्तीसगढ़ के सभी क्षेत्रों में लक्ष्मी पूजा तक चलता रहता है, जो गौरा गौरी की स्थापना के साथ ही समाप्त होता है। देवकर ग्रामीण अंचल के सहित सभी गांवों में यह नजारा आसानी से देख सकते हैं।

GAUTAM BEMTRA

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