*इफको ने किया नैनो यूरिया आधारित प्रक्षेत्र-दिवस का आयोजन*

बेमेतरा:- विश्व की सबसे बड़ी उर्वरक उत्पादक सहकारी सस्था इफको द्वारा ग्राम-मौहाभाठा, विकासखंड-साजा में किसान पवन साहू के खेत में नैनो युरिया आधारित प्रक्षेत्र दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हेमंत साहू, पूर्व अध्यक्ष सेवा सहकारी समिति मर्या. मोहगंव द्वारा किया गया। कार्यक्रम में रविशंकर लांझियाना कृषि वैज्ञानिक, विशिष्ट अतिथि विनय शर्मा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखंड-साजा धु्रव प्रक्षेत्र प्रभारी मोहगाँव फॉर्म,नारद वर्मा प्रबंधक सेवा सहकारी समिति मोहगाँव, अरूण कुमार साहू अध्यक्ष किसान उत्पादक संगठन गाड़ाडीह तथा दिनेश कुमार गांधी, सहा. प्रबंधक प्रक्षेत्र, इफको दुर्ग सहित आसपास के गाँवो से 60 से अधिक किसानों व कृषि महाविद्यालय के छात्र उपस्थित थे। कार्यक्रम में किसान पवन साहू के 10 एकड़ खेत में लगे धान फसल में ड्रोन के माध्यम से नैनो युरिया तरल का छिड़काव किया गया था, जिसके परिणाम को खड़ी फसल में प्रदर्शित करने हेतु खेत-दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में रविशंकर लाझियाना ने किसानों को नैनो युरिया के महत्व को समझाते हुए बताया कि यह पर्यावरण हितैषी हैं तथा इसके परिवहन व रखरखाव में कोई भी खर्च नहीं हैं। इसके उपयोग से किसान युरिया के बराबर उपज पा सकते है। विनय शर्मा ने बताया कि 500 मि.ली. की एक बॉटल एक बोरी युरिया के बराबर ताकत रखती हैं तथा एक एकड़ के लिए पर्याप्त डोज हैं। इसे 4 मि. लो. प्रति लोटर पानी की दर से पौधों पर छिड़काव किया जा सकता हैं। जिसे खड़ी फसल में पत्तियों पर रोपाई से 45 दिन बाद छिड़काव किया जा सकता हैं।धुर्वे ने इस नए जमाने का खाद बताते हुए इसके प्रयोग हेतु किसान भाईयों को प्रोत्साहित किया तथा बताया कि पौधे इसका लगभग 90 प्रतिशत तक उपयोग कर लेते हैं, अतः यह अत्यंत प्रभावी तथा लागत में भी कम हैं। इसकी 500 मि.ली. की एक बॉटल की कीमत मात्र रूपय 240 हैं।दिनेश गांधी ने नैनो युरिया के बारे में विस्तार से बताया कि यह नैनो तकनीक से बनाया गया एक क्रांतिकारी उत्पाद हैं जो पौधों में नाइट्रोजन तत्व की पूर्ति करता हैं तथा दानेदार युरिया के प्रयोग से पर्यावरण को होने वाले दुष्परिणामों से भी बचाता हैं। इसे भारत सरकार द्वारा मान्यता प्रदान करते हुए उर्वरक गुण नियंत्रण के अंतर्गत शामिल कर लिया गया हैं तथा यह समितियों के माध्यम से किसान भाईयों को उपलब्ध हैं। कार्यक्रम के अंत में किसान भाईयों को नैनो यूरिया प्रदर्शन प्रक्षेत्र का भ्रमण कराया गया जिसके परिणामों से किसान भाई अत्यंत उत्साहित दिखाई दिए।




