अच्छा हुआ पापा आपने आफताब से मुझे दूर किया’, आरोपी की फ्रेंड रही युवती की दास्तां


उसके शव के 35 टुकड़े करने का आरोप है. श्रद्धा के पहले आरोपी आफताब की दोस्त रह चुकी मेहता नाम कि एक लड़की के साथ वह 4 महीनों से वर्क फ्रॉम होम कर रहा था. इस दौरान आफताब का उसकी गर्ल फ्रेंड मेहता के पिता के साथ झगड़ा भी हुआ था. दरअसल, मेहता के पिताजी अपनी बेटी को आफताब से अलग करना चाहते थे और इसी वजह से आफताब के बाद उनका काफी झगड़ा हुआ.दिलचस्प बात यह है कि उस दौरान श्रद्धा भी आफताब के घर आती थी. ये बड़ा खुलासा किया है श्रद्धा से पहले आफताब की फ्रेंड रह चुकी मेहता के पिताजी जयेश भाई मेहता ने. उन्होंने ठाणे जिले के ब्युरो चीफ अजित मांढरे ने बात की. अब मेहता इस बात के लिए पिता की शुक्रगुजार है कि उन्होंने उसे आफताब से अलग कर दिया थाअच्छा हुआ पापा आपने उस वक्त आफताब से मुझे दूर किया’. एक बार गाड़ी को लेकर भी झगड़ा हुआ था, उसके बाद आफताब ने 4 हजार रुपये जयेश भाई को दिए थे और मामला खत्म हो गया था.आफताब पूनावाला को 12 नवंबर को दिल्ली पुलिस ने दक्षिणी दिल्ली के महरौली इलाके में किराये के अपने फ्लैट में श्रद्धा वालकर की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. दिल्ली पुलिस ने कहा था कि आफताब ने श्रद्धा की गला घोंटकर हत्या की तथा उसके शव के करीब 35 टुकड़े किए जिसे उसने घर पर 300 लीटर के फ्रिज में लगभग तीन सप्ताह तक रखा. वह कई दिन तक आधी रात को उन्हें शहर के विभिन्न इलाकों में फेंकने के लिए जाता रहापुलिस ने बताया कि दोनों के बीच वित्तीय मुद्दों को लेकर आए दिन झगड़ा होता था. ऐसा संदेह है कि दोनों के बीच झगड़ा होने पर ही पूनावाला ने 18 मई की शाम को 27 वर्षीय श्रद्धा वालकर की हत्या कर दी थी. श्रद्धा महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई की निवासी थी. इन दोनों की मुलाकात मुंबई में डेटिंग ऐप ‘बम्बल’ के जरिए हुई थी. इसके बाद उन्होंने मुंबई में एक कॉल सेंटर में साथ काम करना शुरू किया और दोनों के बीच वहीं से प्रेम संबंध शुरू हुए. बाद में वे दिल्ली आ गए थे.




