*मासिक काव्य गोष्ठी का हुआ आयोजन**(छत्तीसगढ़ी राजभाषा में अश्लील शब्दावली से भरे गीत परोसकर सभ्यता और संस्कृति का घोर अपमान करने वाले कलाकारों का पूरजोर विरोध किया गया)*

बेरला/भिंभौरी:- क्षेत्र में साहित्यिक रचनात्मक सृजन हेतु सक्रिय सुग्घर साहित्य समिति बेरला की मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन शनिवार को लिलेश्वर देवांगन के संयोजन में उनके निज निवास ग्राम कंडरका आयोजित किया गया था। जहां सभी कवियों के द्वारा ऑपरेशन सिंदूर की सफलता हेतु वीर सैनिकों को नमन किया गया। तो वहीं छत्तीसगढ़ी राजभाषा में अश्लील शब्दावली से भरे गीत परोसकर सभ्यता और संस्कृति का घोर अपमान करने वाले कुछ कलाकारों का पूरजोर विरोध किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत रायपुर से पहुंची हुई कवयित्री पुष्पा नायक के द्वारा माँ सरस्वती की वंदना कर किया गया। भिंभौरी निवासी कविता खिवराज धीवर ने अपनी देशभक्ति गीत और पुरखों के संघर्ष को शानदार शब्दावली के साथ परोसा। ग्राम पिरदा से उभरते हुए पंडवाणी गायक कुंदन साहू ने पंडवाणी की प्रारम्भिक अंतरे की प्रस्तुति दी। ताकम वाले गीतकार मूलचंद साहू ने बुजुर्गों के कार्य को अपनी शानदार गीत के माध्यम प्रस्तुत किया। लोकगायक दिलीप टिकरिहा “छत्तीसगढ़िया” ने अश्लील शब्दावली में गीत परोसने वाले कलाकारों का “महतारी के कोरा” नामक गीत से विरोध दर्ज किया। सुग्घर साहित्य समिति के अध्यक्ष नारायण प्रसाद वर्मा “चंदन” के द्वारा अपनी प्रतिनिधि रचना “सैनिक” प्रस्तुत किया गया। काव्य गोष्ठी के संयोजक लिलेश्वर देवांगन ने जलहरण घनाक्षरी की रचना परोसकर काफ़ी तालियां बटोरी। पत्रकार एवं व्यंग्यकार विकास कश्यप ने सुशासन से जुड़ी व्यंग्य रचना प्रस्तुत कर अपनी छाप छोड़ी। भिंभौरी निवासी ओज कवि कमलेश वर्मा ने सार छंद में प्रकाश संश्लेषण की रचना प्रस्तुत की। ग्राम लाटा निवासी दीपक निषाद ने किसानों का गीत गाकर सबका मन मोह लिया। तो वहीं लाटा से ही आये मनीदास मानिकपुरी ने दोहा छंद प्रस्तुत किया। कुसमी नगर के निवासी नरेन्द्र साहू ने जय हिंद-जय भारती नामक गीत गाकर सबमें देश भक्ति का भाव जगाया। बेरला निवासी जगदीश सोनी के द्वारा क्या लिखना सार्थक है यह बताया गया। सुग्घर साहित्य समिति की नई सदस्या काजल विकास कश्यप ने अपने पति की प्रथम काव्य कृति “आनंद का इत्र” की समीक्षात्मक काव्य रचना प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में तरकोरी संकुल प्रभारी शिक्षक के द्वारा फिल्मी गीत गाके सबका मन मोह लिया। इसके साथ ही आभार प्रदर्शन एवं काव्य गोष्ठी के समापन की घोषणा जगदीश सोनी के द्वारा किया गया।




