35 हजार की मीडिया की नौकरी छोड़ी, बेचने लगे आटा, अब सालाना कमा रहे 16 लाख! कमाल है सफलता की कहानी

आजकल कई मराठी युवा खुद का ब्रांड बनाने पर जोर दे रहे हैं. प्रशांत और मंगेश ने भी लॉकडाउन के दौरान नौकरी छोड़कर खुद का आटे का बिजनेस शुरू किया. अस्थायी रूप से शुरू किया गया यह बिजनेस अब खूब फल-फूल रहा है. उन्होंने ‘शुद्धमय’ नाम से एक आटा मिल शुरू की. अब वे इसके माध्यम से शुद्ध आटा घर-घर पहुंचा रहे हैं. कांदिवली स्टेशन से सिर्फ 15 मिनट की दूरी पर उनका यह बिजनेस है. हमने अब तक कई खाद्य पदार्थों के बिजनेस देखे हैं, लेकिन आटा मिल का ब्रांड बनाकर उसे लोगों तक पहुंचाना काफी चुनौतीपूर्ण काम है.बता दें कि शुद्धमय में अब ये दोनों सिर्फ गेहूं और चावल का आटा ही नहीं, बल्कि घावने का आटा, कोंबडी वड़े का आटा, मल्टीग्रेन 7.4 का आटा जैसे कई प्रकार के आटे भी बेचते हैं. तीन किलोमीटर की दूरी पर अगर आप ऑनलाइन डिलीवरी पसंद करते हैं, तो पांच किलो से अधिक आटे पर आपको मुफ्त डिलीवरी मिलेगी. तीन किलोमीटर से अधिक दूरी पर डिलीवरी के लिए चार्जेस लिए जाएंगे.प्रशांत ने बताया, “हम दोनों का पहले से ही बिजनेस करने का विचार था और लॉकडाउन के दौरान हमें लोगों तक पहुंचने का समय मिला. उस समय लोगों को जरूरत थी कि कोई उनके घर तक आटा पहुंचाए, इसलिए हमने मिल खरीदकर आटे का बिजनेस शुरू कियासालाना 15 से 16 लाख
मंगेश ने कहा, “मैं पहले एक मीडिया कंपनी में काम करता था, जहां मुझे लगभग पैंतीस हजार रुपये वेतन मिलता था. अब इस बिजनेस के माध्यम से हम सालाना 15 से 16 लाख रुपये कमा रहे हैं. मुंबईकरों का हमारे इस बिजनेस को बहुत अच्छा समर्थन मिल रहा है. कई लोग तो कहते हैं कि आप पहले कहां थे क्योंकि लोगों को ऐसे शुद्ध और भरोसेमंद ब्रांड की जरूरत होती है.”




