*■ख़िसोरा पंचायत प्रशासन की लापरवाही से गाँव के पवित्र तालाब में समा रही बस्तियों से निकला गंदा नालियों पानी, ग्रामीणों में आक्रोश■*

*बेमेतरा/कोदवा:-* बेरला विकासखण्ड अंतर्गत ख़िसोरा गाँव में पंचायत प्रशासन का एक और नया कारनामा देखने को मिल रहा है। शासन-प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायत की वित्त राशि को गाँव की बेसिक समस्याओं व आधारभूत सुविधाओं पर ख़र्च करने के बजाए मनमानी ढंग से व्यय कर ग्रामीणों को करीब दशकभर से गुमराह कर रहे है। जिससे अभीतक न तो गाँव का सही ढंग से विकास हो पाया है और न ही गाँव की समस्याओं का समाधान। जिसका ताज़ा प्रमाण गाँव के शीतला तालाब इर्द-गिर्द स्वच्छता एवं सुविधाओं को देखकर अंदाज़ा लगाया जा सकता है। यहां गाँव के पवित्र व पुराने शीतला तालाब में पूरे बस्तियों का गन्दा पानी छोड़ा जा रहा है, जिसमें काफी अपशिष्ट एवं गन्दगी के समाहित होने से तालाब का पानी प्रदूषित हो रहा है। वही इसी तालाब से गाँव के ज्यादातर ग्रामीण निस्तारी एवं अन्य जरूरी कार्य करने को मजबूर है। इसके बावजूद स्थानीय पंचायत प्रशासन द्वारा इस दिशा में फिलहाल तक कोई खासा ध्यान नही दिया गया है। लिहाजा अभी बरसात में ही तालाब का पानी प्रदूषित होकर शैवाल युक्त हरियाली में तब्दील हो गया है वही तालाब कर इर्द-गिर्द कई जगहों पर कूड़े-कचरे एवं अपशिष्ट का ढेर लगा हुआ है जो गाँव की सुंदरता एवं स्वच्छता पर ग्रहण लगा है। पंचायत प्रशासन की इस सम्बंध में उदासीनता एवं निष्क्रियता के कारण ग्रामजनों में अब शासन-प्रशासन के प्रति नाराजगी एवं असन्तोष बढ़ने लगा है।




