*●परपोड़ा के हाईस्कूल में स्कूल फंड एवं फीस का फर्जी फर्मो व बिलो के सहारे लाखों रुपये का संदिग्ध भुगतान, प्रभारी प्रचार्य की कलेक्टर से शिकायत●*

*बेमेतरा:-* बेरला विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम परपोड़ा में स्थित चन्द्रशेखर आजाद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से वित्तीय अनियमितता व पैसो की हेराफेरी का मामला प्रकाश में आ रहा है। जहाँ पर स्कूल प्रबंधन व प्रभारी प्राचार्य बीएल कुर्रे के द्वारा शाला विकास समिति की बैठक लिए बिना ही शासकीय अनुदान राशि एवं फीस के पैसों का मनमाने ढंग से निजी उपयोग की शिकायत स्थानीय ग्रामीण नीरज राजपूत द्वारा कलेक्टर कार्यालय में 30 बिंदु पर जांच कर कार्यवाही की मांग की है। वही बताया जा रहा है कि स्कूल प्रभारी प्राचार्य द्वारा वित्तीय वर्ष 2022-23 व 2023-24 में कई गुमनाम फर्मो एवं फर्जी बिल से पैसो आहरण एवं भुगतान किया गया है। यह खुलासा आरटीआई के माध्यम से हुआ है। वही मामला उजागर होते ही शिक्षा विभाग में जबरदस्त हड़कम्प हो गया है। जिसमे देखा जाए तो 200 रुपये की 04 ट्री गार्डन करीब 10000 में खरीदा गया है वही मरम्मत व रंग रोगन के नाम पर बड़ी राशि दुकानों की लगाई गई है जबकि स्कूल में ठीक से रंग रोगन हुआ भी नही है। इसी तरह वाईफाई राउटर व अन्य फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक व स्टेशनरी सामानों की आड़ में फर्जी फर्मो के फर्जी बिल लगाकर पड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है, जिसकी अब ज़िला प्रशासन से शिकायत भी हो गयी है,ग्रामीणों की मांग है कि जल्द ही इस मामले में कार्यवाही की जानी चाहिए ताकि स्कुल के फंड व बच्चों की फीस का दुरुपयोग बन्द हो सके। बताया जा रहा है कि हर साल स्कुलो को बड़ी राशि मरम्मत व जरूरी कार्यो व सामानों के लिए दी जाती है जिस पर स्कूल प्रबधंन द्वारा मनमानी किया जाता है जिसका हाईस्कूल परपोड़ा सीधा उदाहरण है। जहाँ पर प्रभारी प्राचार्य ने फर्जीवाड़े से स्कूल प्रशासन की विश्वनीयता पर सवाल खड़े कर दिया है।
“दरअसल परपोड़ा गाँव के हाईस्कूल में करीब 02 से 03 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता व पैसो की गबन की मामले लेकर ग्रामीणों के साथ कलेक्टर कार्यालय में शिकायत की गयी है, जिसमे ज़िला प्रशासन द्वारा जल्द इस सम्बंध में उचित जांच व कार्यवाही की उम्मीद है।”
*०नीरज राजपूत०*
*(शिकायतकर्त्ता-ग्राम परपोड़ा)*
“चूंकि मामला अभी डीईओ कार्यालय तक नही आया है, तो इस सम्बंध में शिकायत पत्र का इंतज़ार है। स्कूल प्रबंधन द्वारा अनुदान व फीस की राशि पर वित्तीय अनियमितता व गबन के आरोप मिलने पर इसकी जांच की जाएगी। साथ ही फर्जी बिल का ऑडिट और भौतिक सत्यापन भी किया जायेगा और दोषी पाया गया तो विधिवत कार्यवाही तत्काल की जाएगी।”
*●कमल कपूर बंजारा●*
*(ज़िला शिक्षा अधिकारी-बेमेतरा)*




