*जिला विभाजन के समय हुए त्रुटिपर्ण परिसीमन का खामियाजा भुगत रहे 18 गांव के ग्रामीण, मझधार में फंसे*

*(किसान नेता योगेश तिवारी के नेतृत्व प्रभावित गांवों के ग्रामीण करेंगे सीएम से मुलाकात)*
बेमेतरा:- विधानसभा क्षेत्र के 18 गांवों का जनपद, जिला पंचायत, थाना व तहसील अलग अलग होने के कारण हजारों ग्रामीण मझधार में फंसे हुए हैं। जिला विभाजन के दौरान हुए त्रुटिपूर्ण परिसीमन का खामियाजा इन गांव के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा। समस्याओं के निराकरण के लिए ग्रामीण बेमेतरा विधानसभा व दुर्ग जिला के कार्यालयों के चक्कर काटते रहते हैं जहां क्षेत्राधिकार का हवाला देकर ग्रामीणों को बैरंग लौटा दिया जाता है और उनकी समस्या जस की तस बनी रहती है।
*18 गांव के ग्रामीणों को समस्या का निराकरण के लिए भटकना पड़ रहा*
किसान नेता योगेश तिवारी ने बताया कि बेमेतरा जिला निर्माण के दौरान बेमेतरा व दुर्ग जिला के विभाजन के समय हुए परिसीमन में हुए कोताही का खामियाजा इन 18 गावो के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। इन गावो का बेमेतरा विधानसभा में पूरी तरह से विलय के लिए किसान नेता योगेश तिवारी के नेतृत्व में ग्रामीण सीएम से मुलाकात करेंगे। किसान नेता ने बताया कि नदी नाला में बाढ़ आने के कारण धमधा आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी प्रकार अन्य समस्याओं के निराकरण को लेकर ग्रामीणों को भटकना पड़ता है।
*त्रुटिपूर्ण परिसीमन में प्रभावित गांव, अधिकारियों से नहीं मिलता अपेक्षित सहयोग*
बेमेतरा विधानसभा में प्रभावित 18 गांव, जो दुर्ग जिला, जनपद पंचायत धमधा, थाना नंदनी, धमधा में शामिल है । जिसमे थाना नंदनी नगर में पेंड्रीतरई, कोकड़ी, हरदी, गोता, माटरा, कंदई, खजरी, मोहरेंगा, थाना धमधा दारगांव, टठिया, ठेंगाभाट, मोहलाई, धौराभाठा, छीराही, तरकोरी, बिरोदा शामिल हैं। ग्रामीणों के अनुसार सिर्फ पंच-सरपंच के लिए चुनाव निर्वाचन होने के लिए ठीक है लेकिन जनपद पंचायत, जिला पंचायत निर्वाचन के लिए दीगर क्षेत्र में वोटिंग करनी पड़ती है। किसानों को मंडी को लेकर और परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बेमेतरा में वोटिंग करने पर बेमेतरा जिले में सारे काम हो। दुर्ग जिले के अधिकारियों का सहयोग ना किसानों को ना ही जनप्रितनिधीयों को मिलता नहीं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।




