*देवउठनी एकादशी पर धूमधाम से हुआ तुलसी विवाह*

*देवकर -:* कार्तिक, शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी दीपावली के बाद आने वाली एकादशी को ही देवोत्थान एकादशी, देवउठनी की ग्यारस या प्रबोधिनी एकादशी नगर में बड़े ही धूमधाम से मनाई गई। लोगों ने शाम को गन्नो की मंडप बनाकर तुसली का विवाह ।बाजार में दिन भर रही भीड़
देवउठनी ग्यारस को लेकर नगर के मुख्य मार्ग पर लगने वाले दुकानों में भारी भीड़ रही। गन्ना पूजन सामग्री, मिठाइयां, फटाके की दुकानों पर भारी भीड़ देखी गई। वही शुभ मुहूर्त को लेकर इलेक्ट्रानिक, कपड़ा, ज्वेलरी और अन्य शोरूम ग्राहकी से पटे रहे। सुबह से लेकर देर रात तक ग्राहकों ने खरीदी की। प्रतिष्ठान संचालकों ने बताया कि ग्राहको की पंसद को ध्यान में रखते हुए सभी श्रृंखला उपलब्ध कराई गई। देवकर नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में सोमवार को देव उठनी एकादशी पर्व बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया इस पावन पर्व पर नगर वासियों ने तुलसी शालिग्राम का पूजन बड़े ही विधि विधान के साथ किया इसके साथ ही यहां पूजन देर रात्रि तक चलते रहा | देवउठनी ग्यारस को शादी विवाह का सबसे शुभ मुहूर्त माना जाता है एवं इस दिन से विवाह प्रारंभ होते हैं इसके पश्चात आज से ग्रामीण क्षेत्रों में शादियों की शहनाई यों की गूंज अब गूंजने लगेगी। शालिगराम से रचाया।




