*श्रीराम बुनकर सहकारी समिति देवरबीजा कार्यालय के सामने पसरा गंदगी, जिम्मेदार मौन*

बेरला:- ब्लॉक बेरला के ग्राम पंचायत देवरबीजा में श्रीराम बुनकर सहकारी समिति कार्यालय के सामने और पीछे गंदगी पसरा हुआ है। बता दें कि दुर्ग-बेमेतरा मुख्य मार्ग पर ग्राम पंचायत देवरबीजा जो बेमेतरा से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जहां सालों से श्रीराम बुनकर सहकारी समिति में देवांगन समाज के लोग कपड़ा बुनकर अपना सह रोजगार का काम करते है। वही श्रीराम बुनकर सहकारी समिति कार्यालय के सामने नाली पर चितावर की घांस उगे हुए है। साथ ही नाली की साफ-सफाई नहीं होने के कारण गंदगी पसरा हुआ है। लंबे समय से सफाई कार्य नहीं होने पर स्थित गन्दा पानी व कचरे से बु आने लगे है। वही बुनकरों ने बताया कि नाली में पानी का जमाव होने से बुनकर कक्ष में सीपेज आते है। इसके साथ ही बारिश के दिनों बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश होने के बाद नालियों अत्यधिक पानी भर जाने के बाद नाली का पानी व सीपेज से बुनकर कक्ष में पानी भर जाते है।
*देवरबीजा को नगर पंचायत बनाने की मांग उठी*
जनपद पंचायत बेरला के ग्राम पंचायत देवरबीजा को नगर पंचायत बनाने की मांग लगातर उठ रहे है। यहां कई बड़े-बड़े दुकान, उप तहसील, चौंकी, जिला सहकारी केंद्रीय मर्यादित बैंक, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पटवारी कार्यालय, प्राथमिक स्कूल से हायर स्कूल, प्राइवेट स्कूल, कॉलेज, बिजली विभाग, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य, आयुर्वेद चिकित्सा केंद्र, बुनकर सहकारी समिति केंद्र इत्यादि से देवरबीजा में सर्वांगीण विकास के लिए उपयोगी है। जहां पर ग्राम पंचायत देवरबीजा के रहवासियों का लगातार मांग चले आ रहे है।
*बारिश के बीच बुनकरों के साथ: कलेक्टर ने हाथकरघा चलाया और कपड़ा बुना बढ़ाया उत्साह*
बेमेतरा 24 जुलाई 2024 बारिश की बूंदों के बीच, कलेक्टर रणबीर शर्मा बेमेतरा ज़िले के देवरबीजा पहुंचे। यहाँ उनका आगमन श्रीराम बुनकर सहकारी केंद्र में हुआ, जहाँ बुनकर द्वारा हाथकरघा से बुना जा रहा कपड़े की प्रक्रिया को समझने का उन्हें अवसर मिला। बुनकर सुको देवांगन ने कलेक्टर को बुनाई की पूरी प्रक्रिया विस्तार से बताई। उन्होंने ताने-बाने के बारे में भी बताया। उन्होंने बताया कि कैसे धागों को एक साथ मिलाकर कपड़ा बनाया जाता है, और यह कार्य कितनी निपुणता एवं धैर्य से किया जाता है। कलेक्टर रणबीर शर्मा ने भी इस प्रक्रिया को बड़े ध्यानपूर्वक समझा और सुको की मासिक आमदनी, पारिवारिक स्थिति एवं परिजनों के बारे में जानकारी ली थी। वही आज इन्ही कार्यालय के सामने गंदगी आलम पसरा हुआ है। जिन्हें देखने तक दूर की बात है यहां साफ सफाई को सोचने तक समय नहीं है। जिसके चलते आस पास गंदगी व बदबू के बीच रहना मजबूरी बन गए है।




