
*बेमेतरा:-* कृषि प्रधान बेमेतरा जिला के सीमावर्ती गाँवों में इन दिनों शासन-प्रशासन की योजना के कारण सैकड़ो किसान परेशान एवं आक्रोशित है। दरअसल भिम्भौरी तहसील के मुख्यालय, नगर पंचायत भिम्भौरी के साथ आसपास के ग्राम पिरदा, उफरा, ढाबा, गबदा, मुर्रा, सिलघट गुधेली सहित करीब दर्जनभर गाँव मे सालभर पूर्व से भारत सरकार द्वारा गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) नईदिल्ली द्वारा प्राकृतिक गैस के पाइपलाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। इस दौरान प्रभावित गाँवो में किसानों की खेतो में बेतरतीब ढंग से खुदाई कर जमीन एवं फसल को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। जबकि फसल क्षतिपूर्ति एवं जमीन मुआवजे के नाम पर सम्बन्धित एजेंसी द्वारा मनमानी किया जा रहा है। घटनाक्रम से पीड़ित किसानों में असंतोष बढ़ने से ग्रामीण स्तर बैठक हो रही है, जिसमे प्रशासन को ज्ञापन देकर कार्य रुकवाने की बात कही जा रही है।इस सम्बंध में भिम्भौरी तहसीलदार सरिता मधरिया द्वारा स्पष्ट जानकारी नही दी गयी जबकि नगर पंचायत भिम्भौरी के सीएमओ रमेश कुमार ध्रुव ने बताया कि उनके कार्यालय में किसी प्रकार की अनुमति इस सम्बंध में नही ली गयी है वही पूर्व विलोपित ग्राम पंचायत भिम्भौरी एवं कण्डरका व गुधेली पंचायत के सचिव कमलेश्वर देशलहरे ने बताया कि उनके कार्यकाल में तीनो पंचायत बॉडी को भी अभीतक कार्य की जानकारी नही दी गयी है, जो कि बड़ा गम्भीर मामला है।
दरअसल भिम्भौरी क्षेत्र के प्रभावित गाँवों के अन्नदाता किसानो का कहना है कि सालभर से इस सरकारी कार्य के चलते वे ठीक से खेतीबाड़ी का कार्य नही कर पा रहे है, कृषक परिवारों को सीजन में काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।चूंकि कार्य के पहले प्रभावित पंचायत प्रशासन को जानकारी नही दिया गया है एवं पीड़ित किसानों से अनुमति लेने के पश्चात तय की गई आधार पर मुआवजा राशि का वितरण नही किया जा रहा है एवं समय व किश्तों में भी गड़बड़ी की जा रही है बार-बार पूछने पर शेष राशि बाद में देने की बात कर गुमराह किया जा रहा है। जिसके लिए वे न्याय की आस में एसडीएम -तहसील व अन्य सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है। साथ ही पाईप के लिए खोदे गए गड्ढे पर ठीक से मिट्टी फिलिंग नही किया गया है जिससे असमतल भूमि पर किसान फसल नही उगा प रहे है तो कई स्वयं के पैसे खर्च कर पाइपलाइन से खेतो की बिगड़ी स्थिति सुधारने को मजबूर है। फलस्वरूप प्रभावित क्षेत्र के सैकड़ो किसान इन दिनों लामबन्द होकर कार्य रोकने के लिए बाध्य होते नजर आ रहे है उनका कहना है कि मुआवजा की राशि व समय स्पष्ट हो तभी गैस पाइपलाइन के एजेंसी को कार्य करने दिया जाएगा। जिस पर जिला व तहसील प्रशासन की भूमिका भी सवालो के कटघरे पर नज़र आ रहा है।
जानकारी के मुताबिक भारत सरकार के पेट्रोलियम और खनिज मंत्रालय द्वारा मुंबई से नागपुर फिर नागपुर से झारसुगुड़ा तक प्राकृतिक गैस के पाइपलाइन बिछाने का कार्य इन दिनों सतत जारी है। इस पाइपलाइन विस्तार से बेमेतरा ज़िला अंतर्गत बेरला विकासखण्ड व भिम्भौरी तहसील के करीब दर्जनभर गाँव के सैकड़ो किसान प्रभावित होने पर एजेंसी की मनमानव कार्यशैली से क्षेत्र के अन्नदाता किसान खासे नाराज है। जिस पर जिला प्रशासन को गम्भीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
*■प्रभावित दर्जनभर गाँव के सैकड़ो पीड़ित किसान लामबन्द■*
फिलहाल बेरला विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढाबा के विद्याकुमार परगनिहा, किशोर दुबे, श्यामलाल साहू, मोहित निषाद, खेमलाल, आर्य समाज, गुहन निषाद, मोहन, घसिया, देवीलाल, चन्द्रकान्त बांधे, दुकल्हा निषाद, नारायण निषाद, कमलेश्वर देशलहरे, बीरबल निषाद, मुकेश यादव, मंजू चौहान, लिखराम वर्मा, बसावन निषाद इत्यादि ग्रामीण प्रशासन के सुस्त रवैये एवं एजेंसी के मनमानी से परेशान है। जबकि पिरदा गाँव के कार्तिक साहू, आत्माराम टिकरिहा, मन्गतीन ध्रुव, मनोहर साहू, सेवकराम साहू, जीवनलाल साहू, खिलेश्वर परगनिहा, दीपक, बनवाली, खिलेंद्र, मुरली आडिल, भागीरथी देशलहरे, कांतिलाल साहू, रुखुमलाल साहू, मनोहर सेन, भुवन साहू, इश्क यादव, चन्द्रशेखर वर्म्स, रोशन टिकरिहा सहित अन्य ग्रामीण आज मंगलवार को ग्राम पंचायत सचिवालय में बैठक रखा गया है, जिसमे ग्रामजनों की सहमति पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।




