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*●लम्बित मामले राजनांदगांव के वरिष्ठ पत्रकार दिनेश नामदेव एवं शमशाद बानो हुए दोष मुक्त, छुरिया क्षेत्र के सरपंचो ने चिचोला थाना में षडयन्त्रपूर्वक दर्ज कराया था एफआईआर, अधिवक्ता एचबी गाजी की दमदार पैरवी से मिली सफलता●*

 

*■राजनांदगांव/दुर्ग:-* अविभाजित राजनांदगांव ज़िला के विगत पूर्व में सरपंचों द्वारा किए गए षडयंत्रों का पर्दाफाश करते हुए निडर व दमदार वरिष्ठ पत्रकार दिनेश नामदेव व शमशाद बानो आखिरकार दोष मुक्त हुए। ज्ञात हो कि विगत 15 जनवरी 2023 को छुरिया जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत पिनकापार की सरपंच शांति बाई सहारे पति अनुज सहारे निवासी नवागांव पिनकापार के द्वारा पुलिस चौकी चिचोला में पत्रकार दिनेश नामदेव व शमशाद बानो के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया था। उपरोक्त सरपंच शांति बाई सहारे के साथ छुरिया जनपद पंचायत के लगभग 12-15 सरपंचों ने एकमत व एकराय होकर तत्कालीन स्थानीय कांग्रेस विधायक पति से चिचोला थाने में बार-बार फोन कराके राजनीतिक दबाव बनाकर दोनों पत्रकारों के खिलाफ झूठा, मनगढंत, फर्जी केस, किसी खास मकसद से दर्ज कराया गया था। फर्जी केस का मास्टरमाईंड छुरिया जनपद पंचायत के सरपंच संघ का अध्यक्ष धर्मेन्द्र साहू था जिनके कहने पर राजनीतिक दबाव बनाने पर मामला चिचोला थाने में चौकी प्रभारी चेतन चंद्राकर के साथ सांठ-गांठ कर धारा 451, धारा 294, धारा 384 भा.द.स. एवं धारा 3 (1) (द) (ध) अनुसूचित जाति, जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत शिकायत चौकी प्रभारी चेतन चंद्राकर ने दर्ज किया था। रिपोर्ट के 24 घंटे के अंदर ही अपने राजनैतिक व प्रशासनिक आकाओं को खुश करने ताबड़तोड़ कार्यवाही करते हुए बगैर जांच पड़ताल के दोनों पत्रकारों के उपर अवैध वसूली का मामला दर्ज करते ही 24 घंटे के अंदर ही दिनेश नामदेव पत्रकार को निवास स्थान से बगैर गिरफ्तारी वारंट के चोर-उचक्के की तरह एक वरिष्ठ पत्रकार दिनेश नामदेव को उनके निवास स्थान सोनार पारा से उठा लिया गया और रात्रि 8 बजे गिरफ्तारी दर्ज किया गया व साथी पत्रकार शमशाद बानों को गिरफ्तार करने चेतन चंद्राकर व साथी चिचोला थाने के पुलिस साथियों के साथ निगरानी व जगह – जगह तलाशी लेने लगे लेकिन शमशाद बानों को गिरफ्तार नहीं कर पाए। शमशाद बानो पत्रकार ने अग्रिम जमानत कराके अपनी लड़ाई जारी रखते हुए सभी आरोपों से दोष मुक्त हुए। विगत 2 वर्षो से मानसिक पीड़ा एवं आर्थिक क्षति झेलने के बाद आखिरकार न्याय हुआ और दोनों पत्रकार दिनेश नामदेव व शमशाद बानो दोष मुक्त हुए। पक्षकार की ओर से वरिष्ठ अधिवकता हलीम बक्श गाजी ने पैरवी की और शानदार सफलता हासिल करते हुए दोनों को दोष मुक्त कराया। उपरोक्त प्रकरण के विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम राजनांदगांव के पीठासीन अधिकारी श्री थामस इक्का ने फैसला सुनाया। अवैध वसूली व विशेष एक्ट्रोसिटी प्रकरण में दोष मुक्त होने के बाद वरिष्ठ पत्रकार दिनेश नामदेव ने कहा कि उन्हें पूरी प्लानिंग के तहत फंसाया गया था। आखिरकार निर्दोष पत्रकारों के साथ इंसाफ हुआ। दिनेश नामदेव ने आगे कहा अब पत्रकारों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं करेंगे। निर्भिक और बुलंद पत्रकारिता के लिए नेक काम सदा करते रहेंगे। हम पत्रकार है खबर बनाना तो हमारा काम है। तकलीफ उनको है जिनका दो नंबरी का काम है। बहुत ही आसान है जमीं पर मकान बना लेना, दिल में जगह बनाने में जिंदगी गुजर जाती है।

1. सरपंचों का चाल हुआ बेनकाब।

2. कांग्रेसी राजनैतिक षडयंत्रों का पर्दाफाश

3. झूठा मनगढंत फर्जी केस किसी खास मकसद से मामला दर्ज किया गया।

4. जाति का गलत फायदा उठाया सरपंच शांति बाई सहारे ने।

5. पत्रकारों को विज्ञापन नहीं देने के बहाने किया था सरपंच शांति बाई ने किया बवाल।

GAUTAM BEMTRA

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